लवन, बलौदाबाजार-भाटापारा। राघवेन्द्र सिंह “मेरूवाणी डाॅट इन”…
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लवन तहसील क्षेत्र में आनें वाला प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तिल्दा जहां से डोंगरीडीह, करदाऔर तिल्दा धान उपार्जन केंद्र संचालित होता है, मगर आज प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति में देखा गया कि कई सारी समस्याओं का अंबार लगा हुआ है चाहे वहां धान खरीदी के संबंध में हो परिवहन की समस्या के संबंध में हो बारदानें की समस्या के संबंध में हो चाहे समिति की कर्मचारियों की फंड की समस्या में हो और उन सब में एक मुख्य समस्या फिर से उत्पन्न हो गई है कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तिल्दा में जो धान उपार्जन केंद्र डोंगरीडीह के भंडारण हेतु स्टाक की अधिकतम मात्रा 6205 क्विंटल है और जहां की खरीदी 30000 क्विंटल के अनुपात जिससे अनुपात से भी अधिक है, जिससे भी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तिल्दा बहुत ही परेशान और बेबस नजर आ रहे हैं।
समिति के प्रबंधक राम कुमार साहू ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र में परिवहन की समस्या बढ़ जानें की समस्या तो बनीं हुई है, मगर इस वर्ष हम सबसे बड़ी समस्या इसमें यह है कि हमारे यहां भंडारण क्षमता के अनुपात से भी अधिक भंडारण क्षमता को बढ़ा दिया है, जिससे कि अब समस्याओं का अंबार फिर से पैदा हो गया है।
समिति के कर्मचारी फंड की अभाव में बिना वेतन के काम कर रहे हैं सुरक्षा भंडारण के नाम पर मात्र 3 रूपए प्रति क्विंटल की दर से पैसा दे रहे हैं जिस राशि को आज के दौर से देखा जाए तो 10 रूपए प्रति क्विंटल की दर से देना चाहिए मंडी मे लेबर चार्ज आज भी 18 रूपए कि दर से दी जाती है, मगर सरकार नें आज तक इस मामले में भी हमें वेतन विसंगति से रखा और आज भी समितियों को मात्र 9/- रूपए प्रति क्विंटल की दर से देता है।
हमारे यहां बारदाने की समस्या भी बनी हुई है बारदाना 50,000/- आया और अभी हमें 25 हजार बारदाने की और आवश्यकता है धान का उठाव नहीं हो रहा है जिससे परिवहन की समस्या भी बनी हुई है और अगर परिवहन नहीं होगी तो फिर दिक्कतें और बढ़ जाएगी वैसे भी सुखा राशन स्वयं समितियों को भुगतना भुगतान करना पड़ता है समिति के प्रबंधक राम कुमार साहू ने यह भी बताया कि तीन बार पत्रव्यवहार हो चुका है मगर उच्च अधिकारियों के द्वारा अभी तक हमारी भंडारण क्षमता को कम नहीं किया गया है और अगर कल के दिनांक में कुछ भी मौसम की मार या किसी भी प्रकार की अप्राकृतिक घटना होती है तो हमें बड़ी दिक्कत हो जाएगी क्योंकि हम अपने क्षमता के अनुरूप रख रहे हैं और रखरखाव को ध्यान रख रहे हैं और बढ़ने की अनुपात में तो और भी दिक्कतें बढ़ जाएगी और अगर भंडारण क्षमता बढ़ गया है तो भी परिवहन नहीं हो रहा है तो फिर समिति का क्या होगा इससे उच्च अधिकारी भली-भांति जानते और समझते हैं मगर अभी तक संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस तरह की समस्याएं क्या प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति तिल्दा में ही है कि पूरे जिले में इस तरह की समितियों में परेशानियां हैं अब वह तो जिले के अधिकारी और उनके विभाग ही जाने और अधिकारियों को मालूम होने के बावजूद भी क्या इस तरह के माहौल को ठीक करने या सुधारने के लिए क्या करते हैं या फिर क्या संज्ञान लेते हैं।
खबर अभी बाकी है वह अगले अंक में प्रकाशित की जाएगी।



