भाटापारा-बलौदाबाजार। राघवेन्द्र सिंह “मेरूवाणी डाॅट इन”…
बलौदाबाजार के भाटापारा विकासखंड के क्षेत्र में आनें वाला ग्राम पंचायत गुड़ाघाट जहां पर दो आंगनबाड़ी संचालित होती है, मगर आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 2 खुला दिखाई दिया लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 में ताला लगा हुआ दिखाई दिया, जिसमें ग्राम वासियों से पता चला कि कल टीकाकरण यही आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 में हुआ था, जिसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती संतोषी ध्रुव और सहायिका मौजूद रही मगर आज नहीं है, इस विषय पर भाटापारा महिला एवं बाल विकास अधिकारी उमा कश्यप जी से बात करने पर उन्होंने सर्कल के सुपरवाइजर से बात करके बतानें की बात कही, मगर उसके बाद उनका जवाब नहीं आया और कार्यकर्ता से फोन पर बात करने पर पता चला कि उन्हें कुछ तकलीफें हैं, जिनके कारण वह आंगनबाड़ी केंद्र में आने पर असमर्थ थी और सहायिका को बुलवाकर पूछनें पर पता चला कि मैडम नहीं आई है, और मुझे बताई भी नहीं है, किसी प्रकार की छुट्टी की भी बात नहीं की है, और मुझे नहीं मालूम और स्वयं नहीं आने पर उन्होंने कहा कि हां मैं आज नहीं आ पाई मगर संतुष्ट पूर्ण जवाब नहीं मिला कि कारण क्या था क्या इस तरह आंगनबाड़ी के कार्यकर्ता और सहायिका को ताला बंद करनें पर उच्च अधिकारियों को बताना उचित नहीं था, अगर कार्यकर्ता और सहायिका को आंगनबाड़ी आना नहीं था तो एक दूसरे को भी बता सकते थे, आंगनबाड़ी केंद्र देखनें पर यह भी लगता है कि कार्यकर्ता और सहायिका के बीच विचार विमर्श होते रहता है, मगर आंगनबाड़ी केंद्र औपचारिकता के आधार पर ही जीवित है, अब देखने वाली बात यह होगी कि इस प्रकार से राज्य सरकार द्वारा बच्चों को पढ़ाई लिखाई की प्रसार एवं उन्हें शिक्षित करने हेतु आंगनबाड़ी केंद्र बुलाया जाता है और आज ताला ही बंद था तो अब क्या कहें आंगनवाड़ी की कार्यकर्ता और सहायिका दोनों नदारद रही और आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला लगा हुआ दिखाई दिया।
अब देखने वाली बात यह होगी कि परियोजना अधिकारी इस बात को संज्ञान में लेकर खबर के प्रकाशन के बाद क्या करती है और कल से ताला बंद मिलेगा या फिर नही, समय पर और सही नियम से आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 प्रारंभ होते दिखाई देगा या नही।



