सरकार ने राज्य सभा (Rajya Sabha) में जानकारी देते हुए कहा है कि इस वक्त देश में 820 मिलियन यानी करीब 82 करोड़ लोग इंटरनेट (Internet) इस्तेमाल कर रहे हैं. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) ने यह जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की खाई को दूर करने के लिए, सरकार ने 157,383 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट इन्फ्रास्ट्रक्चर दिया है.
तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा में पूछा था कि क्या सरकार ने इंटरनेट के नवीनतम स्तर या किसी ऐसे प्रॉक्सी का अनुमान लगाया है. इसी के साथ डेरेक ओ ब्रायन ने सरकार के पूछा था कि क्या वर्तमान में ग्रामीण और शहरी भारत के बीच एक डिजिटल दूरी है और अगर ये दूरी अभी भी है तो सरकार ने इस ओर कौन कौन से कदम उठाए हैं. तृणमूल कांग्रेस के सांसद की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार की ओर से बताया गया कि देश के 1,57,383 ग्राम पंचायत में हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा दी गई है.
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के मुताबिक देश में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है. 31 मार्च 2021 तक देश में 82.53 करोड़ (825.301 मिलियन) इंटरनेट ग्राहक थे. उन्होंने कहा कि भारत के गांवों में 302 मिलियन से अधिक लोग इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह संख्या 502 मिलियन से अधिक हो चुकी है.
राज्यसभा में जानकारी देते हुए राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि गांवों में इंटरनेट की सुविधा और बेहतर करने के लिए सरकार ने सभी ग्राम पंचायतों और गांवों में भारतनेट परियोजना की शुरुआत की है. 1 जुलाई तक कुल 1,57,383 ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट/ब्रॉडबैंड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ा जा चुकी है. उन्होंने बताया कि अब तक देश में 5,25,706 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछाया जा चुका है.



