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World Gold Council रिपोर्ट- छह महीने में दुनिया भर के लोगों ने जमा किया 1131 टन सोना! लेकिन नए तरीके से

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सोना खरीदना का तरीका अब बदल चुका है. दुनियाभर के लोग सोने के सिक्के, ज्वेलरी या फिर अन्य किसी गोल्ड सामान को खरीदने की जगह अब इसमें निवेश कर रहे है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC-World Gold Council) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में जनवरी से जून तक निवेशकों ने 1,131 टन सोना जमा किया है. लेकिन ये फिजिकल फॉर्म में नहीं है. बल्कि पेपर गोल्ड में ये निवेश किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल यानी 2019 में 595 टन सोना पेपर गोल्ड के जरिए खरीदा गया था. जबकि इस साल ये 90 फीसदी बढ़कर  1,131 टन पर पहुंच गया है. WGC ने बताया है कि ये अब तक का सबसे उच्चतम स्तर पर है.

तीन महीने में निवेशकों ने खरीदा 582.9 टन सोना- डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही (अप्रैल-मई-जून) में निवेशकों ने 582.9 टन सोना खरीदा है. ये पिछले साल के मुकाबले 98 फीसदी ज्यादा है. आपको बता दें कि पिछले साल यानी साल 2019 में अप्रैल-जून तिमाही के दौरान निवेशकों ने सिर्फ 295 टन सोना खरीदा था.

आधी रह गई ज्वेलरी की डिमांड- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में सोने की डिमांड अप्रैल-जून की तिमाही में 11 फीसदी घटकर 1,015.7 टन पर आ गई है. अप्रैल-जून की अवधि में सोने की कुल मांग घटकर 1,015.7 टन रह गई, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 1,136.9 टन रही थी. तिमाही के दौरान वैश्विक स्तर पर आभूषणों की मांग 53 प्रतिशत घटकर 251.5 टन रह गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 529.6 टन थी. टेक्नोलॉजी में सोने की मांग 18 फीसदी घटकर 80.7 टन से 66.6 टन रह गई.इसी तरह केंद्रीय बैंकों की सोने की शुद्ध खरीद 50 प्रतिशत घटकर 114.7 टन रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 231.7 टन थी.

क्यों गिरी डिमांड- रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से कई देशों में लगाई गई पाबंदियों के चलते सोने की मांग में गिरावट आई है. डब्ल्यूजीसी की ‘सोने की मांग के रुख पर दूसरी तिमाही की रिपोर्ट’ में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से सोने की उपभोक्ता मांग घटी है.
ये लोग कर रहे हैं सोने की जमकर खरीदारी- रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने और इसी तरह के अन्य प्रोडक्ट में इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की मांग 300 फीसदी की जोरदार बढ़ोतरी के साथ 434.1 टन पर पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 76.1 टन थी.

अब आगे क्या होगा- डब्ल्यूजीसी के एमडी, भारत सोमसुंदरम पीआर ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि दूसरी तिमाही में सोने की मांग में गिरावट की प्रमुख वजह लॉकडाउन है. क्योंकि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए चीन और भारत ने लंबे समय तक अपने बाजारों को बंद रखा. इसके अलावा ऊंची कीमतों की वजह से सोने की मांग कितनी प्रभावित हुई है यह स्थितियों के सामान्य होने के बाद ही पता चलेगा. तभी यह सामने आएगा कि सोने में तेजी को लेकर उपभोक्ताओं की क्या प्रतिक्रिया है.