महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों को भूकंप के लिहाज संवेदनशील माना जाता है. ऐसे में एक्सपर्ट इन इलाकों में घरों का निर्माण उसी के अनुरूप करने की सलाह देते हैं. भूकंप मुख्य तौर पर दो तरीके से आते हैं – टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने और ज्वालामुखी विस्फोट से.
महाराष्ट्र में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए हैं. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने इसके बारे में जानकारी दी है. NCS ने बताया कि महाराष्ट्र के हिंगोली में मध्यम दर्जे का भूकंप आया है. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.5 मापी गई. अचानक से धरती डोलने से लोगों में डर समा गया. प्रभावित इलाकों में लोग डर के मारे अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए. बता दें कि भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है, जिसका पूर्वानुमान लगाना कतई आसान काम नहीं है. हालांकि, सिस्मिक जोन में आने वाले क्षेत्रों में रहने वालों को एक्सपर्ट की ओर से सावधान और सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, ताकि जानमाल के नुकसान को कम किया जा सके. खासतौर पर मकान के निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में शनिवार सुबह 4.5 तीव्रता का भूकंप आया. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 10 बजकर 21 मिनट पर दर्ज किया गया. भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई. हालांकि, भूकंप के केंद्र की गहराई, इससे हुए संभावित नुकसान और किसी के हताहत होने के संबंध में तत्काल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है. भूकंप के बाद स्थानीय स्तर पर स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है. धरती में कंपन महसूस होते ही सथानीय लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए.



