छत्तीसगढ़ में नई राजनीतिक पार्टी हमर छत्तीसगढ़ पार्टी का गुरुवार को विधिवत ऐलान हो चुका है। पार्टी के नेतृत्वकर्ता व केंद्रीय अध्यक्ष लखन लाल साहू ने सभी 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। चुनाव आयोग से नियमानुसार पार्टी का नाम मिल गया है। अभी चुनाव चिन्ह का आवंटन नहीं हुआ है। विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले चुनाव चिन्ह मिलेगा।
अभी कार्यकर्ता सभी सीटों पर पार्टी का प्रचार-प्रसार करेंगे। पार्टी का मुख्य बिंदु किसान वर्ग है। हमर छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष लखन लाल साहू ने बताया कि भारत रत्न तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य सहज ही बना दिया। उन्होंने देश के 3 राज्यों का निर्माण बिना संघर्ष, हड़ताल, जनहानि, धनहानि और सरकारी संपत्ति के नुकसान के बिना ही कर दिया।
उनकी सोच थी कि अगर छोटे राज्य होंगे, तो जल्दी तरक्की होगी। साथ ही राज्य का चहुंमुखी विकास त्वरित गति से होगा। इससे राज्य के सभी क्षेत्रों एवं विभागों के कार्य सहजता व सरलता से पूरे होंगे। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत सर्वधर्म के आर्थिक हालत एवं जीवन स्तर में सुधार होगा। लखन लाल साहू ने कहा कि शुरू से ही दो बड़े दलों कांग्रेस और बीजेपी ने छत्तीसगढ़ में राज किया, लेकिन आम लोगों का जीवन स्तर आज भी वही है। हमारी प्रदेश की जनता को आज भी मनरेगा एवं बीपीएल के ऊपर आश्रित रहना पड़ रहा है, जबकि वन संपदा, धन संपदा, श्रम शक्ति समस्त अनुकूल वातावरण हमारे प्रदेश में उपलब्ध हैं।
लखन लाल साहू ने कहा कि पूर्व में जिन पार्टियों ने शासन किया, उन्होंने न तो कृषि के लिए वर्ष भर पानी उपलब्ध कराया, न तो हर हाथ को रोजगार ही दे पाए। कृषि प्रधान राज्य होने पर भी कृषि उत्पादों का उचित मूल्य किसानों को नहीं दिला पाए। इन सत्ताहीन पार्टियों की सरकार ने केवल यहां की संपदा को गलत तरीकों से लूटा और भोली-भाली जनता को गुमराह करते रहे। इन बातों को देखकर अब बर्दाश्त करना संभव नहीं है, इसलिए किसानों, युवाओं और महिलाओं के हक के लिए हमर छत्तीसगढ़ पार्टी का आगाज किया गया है।
पार्टी का एजेंडा
छत्तीसगढ़िया लोगों के जीवन में वैभव लेकर आएंगे। फिर हम गर्व से कहेंगे “छत्तीसगढ़ अउ छत्तीसगढ़िया दुनो हवे सबले बढ़िया।”
अब जाति भेदभाव विहीन समस्त समाज के लोगों का सामाजिक एवं बुद्धिमता आधारित राजनैतिक उत्थान।
छत्तीसगढ़ के किसी भी निवासी को मनरेगा में काम न करना पड़े, ऐसी व्यवस्था विकसित करना ।
दूरगामी योजना से जनता की शिक्षा एवं संपन्नता को विकसित कर प्रदेश को विकसित बनाना।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं विरासत को संरक्षित करते हुए उसे अगली पीढ़ी को भी बताने की व्यवस्था करना। ताकि युवा वर्ग संस्कृति पर गर्व करे एवं उसका अनुसरण करें।
वन क्षेत्रों और कृषि भूमि की सुरक्षा करना। सिंचाई की उत्तम व्यवस्था कर उत्पादन को बढ़ाना। किसानों को फसलों का उच्चतम मूल्य मिले, उस बात की व्यवस्था सुनिश्चित करना।
गरीबी शब्द को अभिशाप मानकर उसके उन्मूलन की स्थायी व्यवस्था बनाना।
कानून-व्यवस्था को उच्च स्तर का बनाकर वृद्धजनों, माता, बहनों, बच्चों की सुरक्षा की उत्तम व्यवस्था करना। राज्य में त्वरित न्याय मिले उसकी व्यवस्था करना। उच्च शिक्षा को प्रदेश के युवाओं को निःशुल्क प्रदान करने की व्यवस्था करना।
सबको उच्च स्तरीय चिकित्सा निःशुल्क प्रदान करने की व्यवस्था करना।



