कांग्रेस भले ही अवैध रेत खनन (illegal sand mining) के मामले में पंजाब के विधानसभा चुनाव से पहले सीएम चरणजीत सिंह चन्नी (CM Charanjit Singh Channi) के भतीजे भूपिंदर सिंह हनी (Bhupinder Singh Honey) के खिलाफ ईडी (ED) की कार्रवाई को केंद्र सरकार का एक हथकंडा बता रही थी, लेकिन इस मामले में अब चन्नी के भतीजे हनी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. अवैध रेत खनन के मामले में गिरफ्तार भूपिंदर सिंह हनी की न्यायिक हिरासत (judicial custody) को अदालत ने 10 मार्च तक बढ़ा दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने कहा कि हनी ने पूछताछ के दौरान सहयोग नहीं किया. ईडी ने दावा किया है कि हनी से अभी पूछताछ के दौरान अहम जानकारी मिलने की संभावना है.
ईडी ने हनी को अवैध रेत खनन मामले में गिरफ्तार किया था. स्थानीय अदालत ने 11 फरवरी को भूपिंदर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसके बाद फिलहाल हनी को अब जेल में ही रहना पड़ेगा. हनी को 3 फरवरी को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया गया था. पिछले महीने छापेमारी के बाद से ईडी ने 10 करोड़ रुपये से अधिक नकद और विभिन्न दस्तावेज बरामद किए थे. जिनमें से 8 करोड़ रुपये और अधिकांश कागजात अकेले हनी से जुड़े स्थानों से जब्त किए गए थे. उनके पास से 21 लाख रुपये से अधिक का सोना और 12 लाख रुपये की रोलेक्स घड़ी भी बरामद की गई है.
हनी के कई साथियों के ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक दिन की पूछताछ के बाद हनी को जालंधर से गिरफ्तार किया था. ईडी ने मोहाली, लुधियाना, रूपनगर, फतेहगढ़ साहिब और पठानकोट में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर आरोपियों और उनके साथियों के व्यावसायिक और आवासीय परिसरों पर छापेमारी की थी
संघीय एजेंसी ने 18 और 19 जनवरी को पिंजौर रॉयल्टी कंपनी के मालिक कुदरतदीप सिंह और उनके सहयोगियों और शेयरधारकों कंवर महीप सिंह, मनप्रीत सिंह, सुनील कुमार जोशी, जगवीर इंदर सिंह और अन्य आरोपी व्यक्तियों और उनके सहयोगियों के परिसरों पर छापा मारा था.



