✍…ग्राम पंचायत केसला में शिकवा शिकायत के आधार पर हुआ जांच…
✍…ग्राम पंचायत के उपसरपंच तथा पंचों द्वारा किया गया था शिकायत…
✍…ग्राम पंचायत केसला में सरपंच सचिव के द्वारा 15 वित्त की राशि में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता के संबंध में…
भाटापारा-बलौदाबाजार। राघवेन्द्र सिंह “मेरूवाणी डाॅट इन”…
भाटापारा जिले के क्षेत्र में आने वाला ग्राम पंचायत केसला जहां पर लगभग चुनाव होने के कुछ समय बाद ही कोरोना काल के समय से लेकर आज दिनांक तक ग्राम पंचायत के उपसरपंच तथा पंचों के साथ मिलकर लगातार ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत,जिला पंचायत, जिला कलेक्टर में लगातार ग्राम पंचायत केसला के भ्रष्टाचार राशि आहरण कार्यों पर अनियमितता जैसे के संबंधों पर शिकायत किया जा रहा है जिसका भाटापारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा आदेश देकर जांच अधिकारी टीम बनाकर जांच के लिए भेजा गया जहां पर ग्राम पंचायत केसला में उपरोक्त सभी बिंदुओं पर जांच हुई जिसमें शासकीय प्राथमिक शाला में पेयजल की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालय, गौठान निर्माण, चबूतरा निर्माण, नाली निर्माण, सीसी रोड,मरम्मत कार्य, पानी टंकी, चारागाह और कई तरह के मूलभूत सुविधाएं जिनमें राशि आहरण की गई तथा कोरेनटाइम में रह रहे प्रवासी मजदूरों के लिए किया हुआ व्यय की राशि इन सभी कार्यों पर जांच हुआ। जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (ग्रा यां से), हेमलाल वर्मा (समाज शिक्षा संगठन), संदीप वर्मा (सहायक वी वी अधिकारी) जनपद पंचायत भाटापारा के द्वारा जांच किया गया। ग्राम पंचायत केसला के ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर लगातार उपसरपंच तथा कुछ पंचों के द्वारा लगातार ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार जैसे बातों को लेकर कह रहे हैं मगर वास्तव में देखा जाए तो हमारे ग्राम पंचायत में गठान पूर्ण है,जाली भी लगा हुआ है, मुर्गी सेड बना हुआ है, सार्वजनिक शौचालय अपूर्ण है, स्कूल में पानी की व्यवस्था उपलब्ध है पानी टंकी पाइप लाइन लगा हुआ है, सीसी रोड पूर्ण है, चबूतरा निर्माण पूर्ण है, मगर अभी तक यह समझ नहीं आया कि आखिर में उपसरपंच तथा पंचों को किन बातों को लेकर अपने ही ग्राम पंचायत के सरपंच से इस तरह से नाराजगी है और लगातार शिकवा शिकायत वह भी लगातार भ्रष्टाचार कार्य में अनियमितता तथा फर्जी फर्जी फर्जी राशि आहरण इस तरह से बार-बार हर अधिकारियों के पास जा जाकर चिल्ला रहे हैं मगर आज जांच हो गया है तो यह देखने वाली बात है कि अब जांच होने के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा क्या स्पष्टीकरण जवाब आता है उससे यह सिद्ध हो जाएगा कि वास्तव में उप सरपंच और पंचों के द्वारा लगाया जा रहा आरोप सही है या गलत। क्योंकि उपसरपंच एवं पंच खुद पंचायत के ही पदाधिकारी गण है और पंचायत में बिना प्रस्ताव के किसी भी राशि का आहरण नहीं होता है और ग्राम पंचायत में क्या कार्य हुआ है या नहीं हुआ है राशि आहरण हुआ है इन सभी बातों का जानकारी निश्चित तौर पर पंचायत के पदाधिकारियों को रहता है लेकिन फिर भी समझ में नहीं आ रहा है कि इस तरह से शिकवा शिकायत क्यों, क्योंकि इससे गांव में विकास की गति भी रुक सी गई है और ऐसे में कुछ अधिकारियों की नजर में ग्राम पंचायत का आना जो एक ग्राम पंचायत की स्थिति को गलत दिशा में दिखाता है जिससे जनप्रतिनिधि और विधायक,सांसद ही नहीं बल्कि उच्च अधिकारियों से लेकर मंत्री नेताओं को भी इन सभी बातों को जानकर बहुत ही घृणा महसूस होने लगती है और इस तरह से ग्राम पंचायत की ओर देखते भी नहीं है और अनसुना,अनकहा कहकर ही निकल जाते हैं। पंचायत के उपसरपंच और पंच ने कुछ समय पूर्व अविश्वास प्रस्ताव के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किया था जिसमें ग्राम वासियों ने हीं रोक लगाकर सरपंच को यथावत रखा और आज भी इस तरह का क्रियाकलाप देखकर ऐसा लग रहा है कि ना जाने सरपंच को घेरने की कोशिश अभी तक चल रही है अब देखने वाली बात यह होगी कि आगे जांच होने के पश्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्या दिशा निर्देश देते हैं खबर अभी बाकी है वह अगले में प्रकाशित की जाएगी।



