क्वॉड समूह (Quad group) में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. इस समूह का गठन विशेषतौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र ( indo-Pacific Region) को ध्यान में रखकर किया गया है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की दादागीरी लगातार बढ़ रही है.
चार देशों के क्वॉड सम्मेलन (Quad Summit) में जिस तरह से चीन (China) को लेकर रणनीति बनाई गई है, उसके बाद से ड्रैगन काफी परेशान दिखाई दे रहा है. क्वॉड सम्मेलन में उठाए गए मुद्दों पर बात करते हुए चीन ने कहा कि क्वॉड में शामिल देशों को आपसी समझ, सहयोग और आदान प्रदान पर बात करनी चाहिए न कि किसी तीसरे पक्ष को निशाना बनाना चाहिए.
चार देशों के इस सम्मेलन को लेकर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, क्वॉड सम्मेलन में शामिल देशों को इस तरह की बैठक के जरिए आपसी समझ और भरोसा बढ़ाना चाहिए. मगर किसी तीसरे पक्ष के हित को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि इस सम्मेलन में शामिल देश शांति, स्थिरता और भाईचारे को कायम रखने के सिद्धांत पर आगे चलेंगे.
बता दें कि क्वॉड समूह में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. इस समूह का गठन विशेषतौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र को ध्यान में रखकर किया गया है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की दादागीरी लगातार बढ़ रही है और भारत के साथ वह अक्सर टकराव की स्थिति में रहता है. चीन हमेशा से दक्षिण व पूर्वी चीन सागर में विभिन्न स्थानों पर अपना अधिकार होने का दावा करता रहता है. चीन को रोकने के लिए ही क्वॉड को चार ताकतवर देशों का गठजोड़ कहा जाता है.
जो बाइडन ने कहा, चीन पर सख्त निगाहें बनी रहेंगी
क्वाड देशों की बैठक के दौरान शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने साफ संकेत दिए कि चीन पर सख्त निगाहें बनी रहेंगी. उन्होंने कहा-हमारे भविष्य के लिए जरूरी है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र स्वतंत्र और खुला बना रहे. उन्होंने साफ किया कि वो क्वाड देशों के साथ मिलकर काम करने को लेकर बेहद उत्सुक हैं. बाइडन ने इशारों में बिना चीन का नाम लिए कहा कि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं.



