राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) पर छाये सियासी संकट पर बड़ा अपडेट सामने आया है. सियासी उठापटक के इस दौर में लगातार बदल रहे घटनाक्रम के बीच पार्टी से बगावत करने वाले पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट (Sachin Pilot) और उनके समर्थित विधायकों ने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है. इससे एक बार कांग्रेस में हलचल फिर अचानक से तेज हो गई हैं.
राहुल गांधी के ऑफिस के सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने अब तक मुलाकात को लेकर कोई कन्फर्म तारीख और समय नहीं दिया है. फिलहाल सचिन पायलट और अन्य विधायक पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के संपर्क में हैं. माना जा रहा है कि 14 अगस्त से पहले सचिन पायलट राहुल गांधी से मुलाकात की हो सकती है.
CWC सदस्य रघुवीर मीणा के बयान से मिल रहे थे संकेत
उल्लेखनीय है कि रविवार को जैसलमेर में होटल सूर्यगढ़ में विधायक दल की बैठक हुई थी. इसमें कांग्रेस के कुछ कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने पायलट कैम्प के लिए कांग्रेस के दरवाजा बंद करने का सुझाव दिया था. लेकिन इस बीच कई नेता सुलह की कवायद में जुटे हैं. CWC सदस्य रघुवीर मीणा ने कहा था कि बागी विधायक अगर फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस के पक्ष में वोट करते हैं तो उन्हें माफ कर दिया जाएगा. मीणा के इस बयान को सुलह की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा था. उसके बाद अब हुआ डवलपमेंट उसी कवायद का परिणाम मानी जा रहा है.
पायलट को मनाने की कोशिशों की यह भी मानी जा रही है बड़ी वजह
सियासी संकट से निबटने के लिए अब तक किये गये तमाम प्रयासों के बावजूद भी इसका समाधान नहीं निकल पा रहा है. दिन प्रतिदिन बदलते रहे हालात के बाद अब मामला फ्लोर टेस्ट की स्टेज पर आ गया है. कांग्रेस की कोशिश है कि 14 अगस्त से पहले किसी भी फार्मूले पर पायलट वापसी के लिए तैयार हो जाएं. ताकि फ्लोर टेस्ट से पहले ही गहलोत सरकार को सुरक्षित किया जा सके. पार्टी की इस कोशिश की एक बड़ी वजह बीएसपी के 6 विधायकों पर 11 तारीख को हाईकोर्ट से आना वाला संभावित फैसले को भी माना जा रहा है. हाईकोर्ट अगर बीएसपी विधायकों के कांग्रेस में विलय पर स्टे देता है तो सरकार बचाना मुश्किल हो जायेगा.


