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समंदर में तूफान की आहट, IMD का यहां के लिए भारी बारिश का अलर्ट, 60 की रफ्तार से चलेगी हवा

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पश्चिम से लेकर पूरब तक समंदर में नया सिस्‍टम बन रहा है, जबकि दक्षिण भारत में पहले से ही बारिश ने हालत खराब कर रखी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा पूर्वानुमान जारी किया है. इसके अनुसार, अरब सागर में लो प्रेशर एरिया डेवलप हो चुका है. वहीं, बंगाल की खाड़ी में साइक्‍लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके अलावा एक ट्रफ लाइन भी यहां से गुजर रही है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इसका असर पश्चिम से लेकर पूर्वी भारत में देखने को मिल सकता है. आईएमडी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. IMD के अनुसार, दक्षिण भारत के कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 25 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. केरल और माहे में 20 से 25 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना है, जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 से 24 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में 20 से 21 अक्टूबर तथा रायलसीमा में 21 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है.
IMD के मुताबिक, 19 अक्टूबर को सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. इस अवधि में केरल और तटीय कर्नाटक में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हुई. IMD ने दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 20 से 25 अक्टूबर तक अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने और झोंकों के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलने की संभावना है. राज्य में 19 से 21 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. इसके बाद 22 से 25 अक्टूबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है.
केरल और माहे में 20 से 25 अक्टूबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है. इस अवधि में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. लक्षद्वीप में भी पूरे सप्ताह बारिश का अनुमान है. यहां 21 से 23 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. 20 अक्टूबर को हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. लक्षद्वीप में 22 से 25 अक्टूबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का भी अनुमान है.
तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर और फिर 25 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है. 23 और 24 अक्टूबर को यहां कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 अक्टूबर के दौरान बारिश की संभावना है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 20 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि 21 से 24 अक्टूबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है. इस क्षेत्र में 21 से 24 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 20 से 21 अक्टूबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. यहां तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि 20 और 21 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. रायलसीमा में 20 से 23 अक्टूबर तक तेज हवाएं चलने का अनुमान है. यहां 20 अक्टूबर को गरज-चमक और 20 से 23 अक्टूबर के दौरान तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना है. तेलंगाना में 20 से 21 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है.

पूर्वी भारत में खराब रह सकता है मौसम

पूर्वी भारत में अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है. 20 से 25 अक्टूबर के दौरान यहां कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है. द्वीपसमूह में 20 अक्टूबर तथा 23 से 25 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. ओडिशा में 20 से 22 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. राज्य में 20 अक्टूबर को गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 20 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर बारिश का अनुमान है.

अरब सागर में मछुआरों के लिए चेतावनी

आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल स्थिर है. अगले 24 घंटों में इसके कुछ और मजबूत होकर डिप्रेशन में बदलने की संभावना है. इसके बाद अगले दो से तीन दिनों के दौरान इसके पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम और फिर दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है. इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में उत्तरी तमिलनाडु तट के पास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. मौसम विभाग ने 20 से 22 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के आसपास के समुद्री क्षेत्रों तथा 22 से 24 अक्टूबर के दौरान केरल और कर्नाटक के तटों के पास और लक्षद्वीप क्षेत्र में मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है. बंगाल की खाड़ी के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दी गई है.