लंबी रूट की तमाम ट्रेनों में तो वेटिंग 100 के पार पहुंच गई है. कुछ रूट की कई ट्रेनों में तो त्योहारों के आसपास का रीग्रेट दिखा रहा है, यानी इन ट्रेनों में आप वेटिंग टिकट भी नहीं बनवा सकते हैं. ऐसे में आपके पास कंफर्म टिकट पाने का क्या तरीका है और किन रूट पर अभी सीट पाने की उम्मीद बाकी है.
रेलवे की टिकट बुकिंग विंडो आईआरसीटीसी पर विभिन्न रूटों की ट्रेनों के विश्लेषण से साफ पता चलता है कि बहुत कम ट्रेनों में अब सीट बची है. त्योहारों के आसपास तो कंफर्म टिकट मिल ही नहीं रही है. आईआरसीटीसी की वेबसाइट के मुताबिक, तमाम ऐसे रूट हैं जहां थोड़ा आगे या पीछे के स्टेशन से टिकट बुकिंग करने पर अब भी कंफर्म टिकट के चांस बन रहे हैं. हम आपको ऐसे ही कुछ रूट और स्टेशनों के बारे में बताएंगे, जहां से आप अब भी कंफर्म टिकट प्राप्त कर सकते हैं. जहां तक वेटिंग टिकट के कंफर्म होने का चांस है तो आपको हर ट्रेन और रूट पर इस संभावना की जानकारी आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर मिल जाएगी.
स्पेशल ट्रेनों पर रखें नजर
त्योहारी सीजन में जिस तरह टिकटों की मारामारी रहती है, उसे देखते हुए मुख्य और लोकप्रिय ट्रेनों के बजाय स्पेशन ट्रेनों पर भी नजर रखनी चाहिए. इस दौरान सरकार तमाम स्पेशल ट्रेनें चलाती है और अगर आप रेगुलर ट्रेनों के बजाय इन ट्रेनों में टिकट तलाश करते हैं तो काफी संभावना है कि आपको त्योहारों के आसपास भी कंफर्म टिकट मिल जाए. सरकार ने इस साल भी त्योहारी सीजन में 100 से अधिक ट्रेनों को चलाने का ऐलान किया है, जो लगभग हर लंबे रूट पर चलाई जाएंगी. खास यूपी और बिहार के लिए हर साल सरकार दर्जनों स्पेशल या त्योहारी ट्रेनें चलाती है.
त्योहारी सीजन में जिस तरह टिकटों की मारामारी रहती है, उसे देखते हुए मुख्य और लोकप्रिय ट्रेनों के बजाय स्पेशन ट्रेनों पर भी नजर रखनी चाहिए. इस दौरान सरकार तमाम स्पेशल ट्रेनें चलाती है और अगर आप रेगुलर ट्रेनों के बजाय इन ट्रेनों में टिकट तलाश करते हैं तो काफी संभावना है कि आपको त्योहारों के आसपास भी कंफर्म टिकट मिल जाए. सरकार ने इस साल भी त्योहारी सीजन में 100 से अधिक ट्रेनों को चलाने का ऐलान किया है, जो लगभग हर लंबे रूट पर चलाई जाएंगी. खास यूपी और बिहार के लिए हर साल सरकार दर्जनों स्पेशल या त्योहारी ट्रेनें चलाती है.
100 वेटिंग पर भी टिकट कंफर्म होगी क्या
इसमें कोई दो राय नहीं कि अब रेलवे ने 100 वेटिंग होने के बाद भी टिकट कंफर्म करना शुरू कर दिया है. इसकी वजह ये है कि ट्रेनों में कई बोगियां जाड़ी जाने लगी हैं जिससे बड़ी संख्या में वेटिंग कंफर्म हो रही है. यहां सबसे खास बात ये है कि आपका वेटिंग टिकट किस श्रेणी का है. अगर यह जनरल वेटिंग (GNWL) है, तो पहले कंफर्म होगी और अगर रिमोट लोकेशन की वेटिंग
(RLWL) है तो इसमें समय लगेगा, जबकि पूल कोटा वाला वेटिंग टिकट ( PQWL) सबसे आखिर में कंफर्म होता है. कई बार 100 की जनरल वेटिंग वाला टिकट कंफर्म हो जाता है और 15 की पूल कोटा वेटिंग का टिकट नहीं हो पाता.
इसमें कोई दो राय नहीं कि अब रेलवे ने 100 वेटिंग होने के बाद भी टिकट कंफर्म करना शुरू कर दिया है. इसकी वजह ये है कि ट्रेनों में कई बोगियां जाड़ी जाने लगी हैं जिससे बड़ी संख्या में वेटिंग कंफर्म हो रही है. यहां सबसे खास बात ये है कि आपका वेटिंग टिकट किस श्रेणी का है. अगर यह जनरल वेटिंग (GNWL) है, तो पहले कंफर्म होगी और अगर रिमोट लोकेशन की वेटिंग
(RLWL) है तो इसमें समय लगेगा, जबकि पूल कोटा वाला वेटिंग टिकट ( PQWL) सबसे आखिर में कंफर्म होता है. कई बार 100 की जनरल वेटिंग वाला टिकट कंफर्म हो जाता है और 15 की पूल कोटा वेटिंग का टिकट नहीं हो पाता.
क्या है टिकट कंफर्म कराने का तरीका
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से पता चलता है कि दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा वेटिंग दिख रही है. कई ट्रेनों में तो रीग्रेट हो चुका है और अब वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा है. लेकिन, अगर आपका टिकट 100 से ज्यादा वेटिंग वाला है तो भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. आपको टिकट की बुकिंग के समय ही ‘VIKALP’ का चुनाव करना चाहिए. इससे जिस ट्रेन में आपने टिकट बुक की है, उसमें भले ही सीट न मिले लेकिन उस रूट की अन्य किसी ट्रेन में भी जगह हुई तो आपको सीट अलॉट कर दी जाएगी.
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से पता चलता है कि दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा वेटिंग दिख रही है. कई ट्रेनों में तो रीग्रेट हो चुका है और अब वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा है. लेकिन, अगर आपका टिकट 100 से ज्यादा वेटिंग वाला है तो भी चिंता करने की जरूरत नहीं है. आपको टिकट की बुकिंग के समय ही ‘VIKALP’ का चुनाव करना चाहिए. इससे जिस ट्रेन में आपने टिकट बुक की है, उसमें भले ही सीट न मिले लेकिन उस रूट की अन्य किसी ट्रेन में भी जगह हुई तो आपको सीट अलॉट कर दी जाएगी.
वेटिंग ज्यादा हो तो क्या जुगाड़
अगर आपको दिल्ली-बिहार रूट पर 100 या उससे भी ज्यादा की वेटिंग दिख रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आपकी वेटिंग जनरल है तो इसके कंफर्म होने की उम्मीद ज्यादा होगी. आप टिकट बुकिंग करते समय ही निर्धारित स्टेशन या बड़े स्टेशनों के बजाय छोटे गंतव्यों का विकल्प चुन सकते हैं. अगर सीधी ट्रेन नहीं मिल रही तो आप आसपास के दूसरे जिलों की ट्रेन ले सकते हैं, जहां से लोकल ट्रेन से वापस आया जा सकता है. इन तरीकों से आप ज्यादा वेटिंग होने के बावजूद त्योहारों पर अपने घर आसानी से पहुंच सकते हैं.
अगर आपको दिल्ली-बिहार रूट पर 100 या उससे भी ज्यादा की वेटिंग दिख रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आपकी वेटिंग जनरल है तो इसके कंफर्म होने की उम्मीद ज्यादा होगी. आप टिकट बुकिंग करते समय ही निर्धारित स्टेशन या बड़े स्टेशनों के बजाय छोटे गंतव्यों का विकल्प चुन सकते हैं. अगर सीधी ट्रेन नहीं मिल रही तो आप आसपास के दूसरे जिलों की ट्रेन ले सकते हैं, जहां से लोकल ट्रेन से वापस आया जा सकता है. इन तरीकों से आप ज्यादा वेटिंग होने के बावजूद त्योहारों पर अपने घर आसानी से पहुंच सकते हैं.



