दुनिया में इस वक्त अगर किसी चीज को लेकर सबसे ज्यादा हाहाकर मचा हुआ है, वो तेल और गैस की सप्लाई है. इस वक्त नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन चल रहा है और इसमें शामिल होने वाले देशों को देखें, दुनिया के टॉप ऑयल सप्लायर्स में 6 तो इस वक्त भारत में मौजूद हैं. सोचिए अगर इनसे बीच एक बात पर सहमति बन जाए तो तेल की नदियां बह जाएंगी.
BRICS देशों के पास तेल-LPG के भंडार की चाबी, एक काम हो तो बहेंगी तेल की नदियां
BRICS देशों के पास तेल-LPG के भंडार की चाबी, बस इसकी है जरूरत, फिर होर्मुज और बाब अल-मंदेब से धड़ाधड़ आने लगेंगे टैंकर.
दुनिया में इस वक्त अगर किसी चीज को लेकर सबसे ज्यादा हाहाकर मचा हुआ है, वो तेल और गैस की सप्लाई है. इस वक्त नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन चल रहा है और इसमें शामिल होने वाले देशों को देखें, दुनिया के टॉप ऑयल सप्लायर्स में 6 तो इस वक्त भारत में मौजूद हैं. सोचिए अगर इनसे बीच एक बात पर सहमति बन जाए तो तेल की नदियां बह जाएंगी.
दुनिया में इस वक्त सारी मारामारी तेल और गैस को लेकर ही मची हुई है. जब से ईरान-अमेरिका के बीच लड़ाई शुरू हुई है, तब से हर देश को चिंता अपनी पावर सिक्योरिटी की है. इस बीच जब भारत में ब्रिक्स के देश इकट्ठा हुए, तो इस तस्वीर ने बहुत से विचार पैदा किए. इनमें से एक अवधारणा ये भी है कि ब्रिक्स के मूल और पार्टनर देशों में कई ऐसे देश भी हैं, जिनके हाथों में तेल और गैस की चाभी है. दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा का केंद्र आज ब्रिक्स देशों के हाथों में है. तेल और LPG के विशाल भंडार और उत्पादन क्षमता के मामले में ब्रिक्स समूह वैश्विक बाजार पर निर्णायक प्रभाव रखता है.



