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सरकार ने राज्यपाल को दी विदाई:माना रनवे पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हवाई जहाज तक छोड़ने गये

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राज्यपाल अनुसूईया उइके की सोमवार काे छत्तीसगढ़ से विदाई हो गई। माना स्थित स्टेट हैंगर पर उनको विदा करने पूरी सरकार पहुंची। रनवे पर राज्य पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल उन्हें हवाई जहाज तक छोड़ने पहुंचे। उइके को मणिपुर का राज्यपाल बनाया गया है। वे यहां से दिल्ली होकर मणिपुर के लिए रवाना हुई हैं।

राजभवन से विदा होकर राज्यपाल अनुसूईया उइके मंगलवार दोपहर बाद माना हवाई अड्‌डे पर पहुंचीं। यहां मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अगुवाई में सत्ता पक्ष, विपक्ष और नागरिक-पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अफसर उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल उइके को पुष्प गुच्छ भेंट किया। उनके बाद विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, कोरबा की सांसद ज्योत्सना महंत, विधायक सत्यनारायण शर्मा आदि ने शॉल देकर राज्यपाल को नई पारी की शुभकामनाएं दी।

मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्लै और सुब्रत साहू आदि ने भी राज्यपाल को विदाई दी। वहां पर राज्य पुलिस ने राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्यपाल एक ही कार में सवार होकर हवाई जहाज की ओर बढ़े।

कल दिन भर चलती रही मुलाकात

एक दिन पहले से राजभवन में चहल-पहल बढ़ी हुई थी। प्रदेश भर से जनप्रतिनिधि, विश्वविद्यालयों के कुलपति, अफसर और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी आदि उनसे मिलने पहुंचते रहे। सभी लोगों ने राज्यपाल सह कुलाधिपति के रूप में छत्तीसगढ़ के हित में कार्य करने के लिए, राज्यपाल को धन्यवाद देते हुए उनका आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी ने राज्यपाल को मणिपुर राज्य का राज्यपाल बनने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मुलाकात करने वालों में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, इंडियन रेडक्रास सोसायटी के चेयरमेन अशोक अग्रवाल, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर के कुलपति डाॅ. ए.डी.एन. वाजपेयी, पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. के.एल.वर्मा, महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. आर.एस.कुरील, संघ के प्रांत प्रमुख डाॅ. पूर्णेन्दु सक्सेना, छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि विनोद नागवंशी और सुभाष परते आदि शामिल थे।