छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री अमरजीत चावला कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से जुड़े काम नहीं करेंगे । चावला ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को एक चिट्ठी लिखी है । इस चिट्ठी में अमरजीत चावला ने प्रदेश कांग्रेस की तरफ से पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर की जा रही तैयारियों को लेकर बात लिखी है।
अमरजीत चावला को अधिवेशन की व्यवस्था से जुड़े कुछ अहम काम सौंपे गए थे। अमरजीत चावला ने अब मोहन मरकाम को चिट्ठी लिखकर यह कह दिया है कि उन्हें सभी कामों से मुक्त कर दिया जाए। इसके पीछे अमरजीत चावला ने हाल ही में उन्हें जारी किए गए नोटिस को वजह बताया है। अमरजीत चावला और प्रदेश संगठन के बीच अब इस नई चिट्ठी से विवाद की दीवार और बड़ी हो गई है।
क्या है अमरजीत चावला की चिट्ठी में
चावला ने लिखा है
प्रदेश में पार्टी का पूर्णकालिक अधिवेशन होने जा रहा है, जिसमें पार्टी की तरफ से उन्हें बहुत सारी जिम्मेदारियां दी गई है। लेकिन कुछ गलतफहमी की वजह से उनके खिलाफ अनुशासन समिति में शिकायत हुई है और नोटिस जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री अमरजीत चावला कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन से जुड़े काम नहीं करेंगे । चावला ने प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम को एक चिट्ठी लिखी है । इस चिट्ठी में अमरजीत चावला ने प्रदेश कांग्रेस की तरफ से पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन को लेकर की जा रही तैयारियों को लेकर बात लिखी है।
अमरजीत चावला को अधिवेशन की व्यवस्था से जुड़े कुछ अहम काम सौंपे गए थे। अमरजीत चावला ने अब मोहन मरकाम को चिट्ठी लिखकर यह कह दिया है कि उन्हें सभी कामों से मुक्त कर दिया जाए। इसके पीछे अमरजीत चावला ने हाल ही में उन्हें जारी किए गए नोटिस को वजह बताया है। अमरजीत चावला और प्रदेश संगठन के बीच अब इस नई चिट्ठी से विवाद की दीवार और बड़ी हो गई है।
क्या है अमरजीत चावला की चिट्ठी में
चावला ने लिखा है
प्रदेश में पार्टी का पूर्णकालिक अधिवेशन होने जा रहा है, जिसमें पार्टी की तरफ से उन्हें बहुत सारी जिम्मेदारियां दी गई है। लेकिन कुछ गलतफहमी की वजह से उनके खिलाफ अनुशासन समिति में शिकायत हुई है और नोटिस जारी किया गया है।
इस वजह से अमरजीत चावला को मिला था नोटिस
हाल ही में अमरजीत चावला को पार्टी की तरफ से अनुशासनहीनता का नोटिस दिया गया है । उनसे जवाब मांगा गया है इसे लेकर कई तरह की चर्चा है। जाहिर है अमरजीत चावला भी इस नोटिस के बाद बिफर गए हैं । जिसकी वजह से ऐसे हालात बन रहे हैं। अमरजीत चावला को दिए गए नोटिस में तीन तरह के आरोप उन पर लगाए गए हैं।
कांग्रेस की ओर से जारी नोटिस में अमरजीत चावला पर पहला यह कि अमरजीत चावला कांग्रेस कार्यालय में बैठकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणी करते रहते हैं। दूसरा यह कि अमरजीत चावला नये आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल द्वारा अनुमति नहीं दिये जाने की स्थिति में पार्टी लाइन का समर्थन नहीं कर रहे हैं और खुले तौर पर राज्यपाल के रुख का समर्थन कर रहे हैं। और तीसरा यह कि अमरजीत चावला, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ निंदा अभियान में लगातार शामिल हैं।



