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महासमुंद में बनेगी फिल्म सिटी:327 एकड़ में डेवलप होगी मुंबई जैसी फिल्म नगरी, बॉलीवुड थीम पार्क पर भी विचार,फिल्मों की होगी शूटिंग

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प्रदेश के महासमुंद जिले में छत्तीसगढ़ की पहली फिल्म सिटी विकसित की जा सकती है। इसकी शुरूआत हो चुकी है। प्रदेश के संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार गौरव द्विवेदी और जिला प्रशासन के अफसर साइट विजिट के लिए पहुंचे।

राज्य सरकार महासमुंद जिले के ग्राम बिरबिरा में जल्द फिल्म सिटी बनाने जा रही है। छत्तीसगढ़ फिल्म सिटी बनने के बाद प्रदेश में फिल्म उद्योग से जुड़े हजारों कलाकारों, टेक्नीशियनों और निर्माता-निर्देशकों सहित स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलेगा। संस्कृति मंत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह फिल्म सिटी बनाने के लिए उपयुक्त स्थल है। फिल्म सिटी के माध्यम से यहां स्थानीय संस्कृति एवं पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर अलग से पहचान मिलेगी।

किसी से कम नहीं होगी हमारी फिल्म सिटी
प्रदेश सरकर के सलाहकार और फिल्म पॉलिसी के जानकार एक्सपर्ट गौरव द्विवेदी ने दैनिक भास्कर को बताया कि इस स्पॉट पर मुंबई या हैदराबाद जैसी फिल्म सिटी डेवलप की जा सकती है। इससे यहां के स्थानीय युवाओं को अधिक-से-अधिक रोजगार का अवसर मिलेगा। इस स्पॉट से कुछ ही दूसरी पर कोडार डैम, सिरपुर और बारनवापारा जैसे लोकेशंस हैं। इससे फिल्म मेकिंग के लिए इंट्रेस्टिंग लोकेशंस भी मेकर्स को मिलती हैं। रायपुर से इस जगह की दूरी अधिक नहीं है तो राजधानी से कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा। यहां बॉलीवुड थीम पार्क, पर्यटन स्थल भी विकसित करने पर विचार किया जा रहा है।

327 एकड़ जमीन देगा जिला प्रशासन
महासमुंद के कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने बताया कि यहां राजस्व की लगभग 327 एकड़ जमीन चिन्हांकित की जा रही है। बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से बिरबिरा लगभग 4-5 किलोमीटर, नवा रायुपर से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर ये स्पॉट स्थित है। रोड कनेक्टविटी भी बेहतर होने की वजह से यहां काम आसान होगा।

सरकार देना चाहती है फिल्म उद्योग को बढ़ावा
संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा फिल्म सिटी बनाने का मकसद छत्तीसगढ़ी फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना, फिल्म शूटिंग के लिए छत्तीसगढ़ को सेंट्रल हब के रूप में डेवलप करना, विनिर्माण क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करना है। साथ ही फिल्म के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा भी मिलेगा। यहां के कलाकारों द्वारा दर्शकों के मनोरंजन के साथ फिल्मों के माध्यम से अपनी संस्कृति को लेकर गौरव की अनुभूति की अपेक्षा होती है। वहीं, दूसरी ओर प्रदेश की कला, संस्कृति और फिल्म को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।