बादल छंटते ही छत्तीसगढ़ का अधिकांश हिस्सा उत्तर भारत से आने वाली बर्फीली हवा की चपेट में आ गया है। जशपुर समेत सरगुजा के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में पारा 1.5 डिग्री तक उतर गया है। पंडरापाठ में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री दर्ज किया गया। यह प्रदेश में सबसे कम है।
कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की वजह से चिल्फी घाट पर जाम लग रहा है और इसका असर बोड़ला तक पहुंच रहा है। मौसम विभाग ने सरगुजा के लिए शनिवार को शीतलहर का यलो अलर्ट जारी कर दिया है। रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकांश हिस्से में ठिठुरन है और तापमान 10 डिग्री से भी नीचे जाने के आसार जताए गए हैं।
राजधानी व प्रदेश के कुछ इलाकों में बुधवार को बारिश हुई थी। इसके बाद ठंड अचानक बढ़ी है। जंगल-पहाड़ ही नहीं, मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ गई है। जहां तक शहरों की बात है।
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शुक्रवार को कोरिया प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। वहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री रिकार्ड किया गया। हालांकि जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जशपुर शहर में तापमान 3.5 डिग्री र्दज किया गया है और शीतलहर से वहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सरगुजा के ही अंबिकापुर में तापमान 5.1 तथा बिलासपुर जिले के पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री पर पहुंच गया है।
रायपुर में आज 100 संभव
राजधानी में शुक्रवार को सुबह तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। लेकिन मौसम विभाग ने शनिवार को रायपुर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास रहने के आसार जताए हैं। हालांकि रायपुर संभाग में आज शीतलहर की संभावना कम है। दुर्ग संभाग के एक-दो जिलों में शीतलहर की संभावनाएं बनी हुई हैं।
बस्तर में 60 तक कम होगा
मौसम विज्ञानियों के अनुसार बस्तर संभाग में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री तक गिर सकता है। यानी वहां कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। अभी जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 16.2 रहा, जो सामान्य से 5 डिग्री अधिक है। 6 डिग्री तापमान गिरने पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा, पर शीतलहर की स्थिति नहीं रहेगी।



