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आंदोलन की राह पर 1 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका:28 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, कलेक्टर दर पर सैलरी देने की मांग

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प्रदेशभर के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और साहायिका संघ ने एक बार फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। रायपुर के बूढ़ातालाब धरनास्थल में जनवरी के अंतिम सप्ताह में लाल और नीले कपड़ों में हजारों महिलाओं का समूह दिखेगा। करीब 1 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ 23 जनवरी से आंदोलन के लिए राजधानी में कूच करेंगे। इसके लिए सोमवार दोपहर पूरे प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं ने अपने क्षेत्र के परियोजना अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

साथ ही कार्यालयों के बाहर जमकर नारेबाजी भी की है। उन्होंने सौंपे गए ज्ञापन में आने वाले दिनों की रणनीति का भी जिक्र किया है। अगर इनका आंदोलन लंबा खींचा तो प्रदेश भर में सरकार का सुपोषण अभियान समेत लाखों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा।

मांग पूरी नहीं तो आंदोलन शुरू

रायपुर क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ब्लॉक अध्यक्ष ममता ने दैनिक भास्कर को बताया कि राज्य सरकार द्वारा लगातार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका की मांगों को अनसुना किया जा रहा है। चुनाव के पहले कांग्रेस ने हम कार्यकर्ताओं का वेतन कलेक्टर दर पर किए जाने की घोषणा की थी। जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्राइमरी टीचर का दर्जा देने का भी वादा किया गया था।

साथ ही रिटायरमेंट के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5 लाख और सहायिकाओं को 3 लाख रुपए एकमुश्त देने की मांग है। आगे उन्होंने कहा की सरकार के निर्देश पर हम छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने, कोविड-19 के दौरान ड्यूटी, जनगणना, मतदाता सूची बनाने जैसे प्रत्येक काम को हमने जिम्मेदारी पूर्वक किया है। लेकिन मुख्यमंत्री और और समाज कल्याण मंत्री ने हमारी मांगों पर अब तक कोई भी निर्णय नहीं लिया है।

28 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना

दरअसल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कई संगठन बने हुए हैं। लेकिन आगामी आंदोलन में यह सारे संगठन एकजुट होकर एक ही मंच के नीचे आंदोलन करेंगे। इन्होंने अपने मांगों को मनवाने के लिए एक लंबी रणनीति भी तैयार की है। जिसमें 2 जनवरी को सहायक परियोजना अधिकारी के दफ्तर में नारेबाजी के साथ ज्ञापन सौंपना। 7 जनवरी से 22 जनवरी तक काम करते हुए काली पट्टी और बैच लगाकर सांकेतिक विरोध किया जाएगा। 9 जनवरी को जिलास्तर में कलेक्टरों को ज्ञापन देंगे। इसके बाद 23 जनवरी से 27 जनवरी तक रायपुर के बूढ़ा तालाब में 5 दिन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 28 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की तैयारी की गई है।

फोन का रिचार्ज भी दे सरकार
आज परियोजना अधिकारी के कार्यालय में विरोध प्रदर्शन करने पहुंची महिलाओं ने बताया कि महंगाई के इस दौर में लगभग 6 हजार रुपए आंगनबाड़ी की महिलाओं के मिलते हैं। इसमें महिलाएं अपने घर के बच्चों के लिए शिक्षा और पोषक आहार का बंदोबस्त नहीं कर पा रहीं। सरकार ने अब इन महिलाओं से ऑनलाइन भी काम लेना शुरू किया है। मगर इंटरनेट और मोबाइल रिचार्ज का अतिरिक्त खर्च हर महीने इन महिलाओं को अपनी जेब से खर्च करना पड़ रहा है। इनकी मांगो में नेट पैक, मोबाइल रिचार्ज के खर्चे भी शामिल है।