बिलासपुर में अधिकारी-कर्मचारियों की उदासीनता और लापरवाही के चलते स्वास्थ्य योजनाओं पर सही काम नहीं हो पा रहा है। इस अव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अब अधिकारी-कर्मचारियों की परफार्मेंस के लिए रैंकिंग तय की जाएगी। इसमें खराब रैंकिंग और परफार्मेंस पर सख्ती से कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं बेहतर काम करने पर इनाम भी मिलेगा। उनके कामकाज की निगरानी के लिए मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने जिले के सभी चार ब्लाक के लिए नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है, जो उनके काम को परखने के बाद रैंकिंग देंगे।
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य विभाग में कई योजनाएं चलाई जा रही है, जिसका सीधा प्रभाव आम लोगों पर पड़ता है। लेकिन, स्वास्थ्य योजनाओं में बिलासपुर जिले की हालत लगातार खराब हो रही है। स्थिति यह है कि दूसरे जिलों की अपेक्षा बिलासपुर में योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। लिहाजा, जिला लगातार पिछड़ रहा है। हालात यह है कि प्रदेश की लिस्ट में बिलासपुर का नंबर अंतिम जिलों में शामिल हो गया है। इसके लिए अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी है।
काम में लापरवाही और उदासीनता से पिछड़ रहा जिला
दरअसल, जिले के अलग-अलग ब्लॉक बैठे अधिकारी-कर्मचारियों की मनमानी बढ़ गई है। काम के प्रति उदासीनता और लापरवाही के कारण योजनाओं के क्रियान्वयन पर काम नहीं हो रहा है। अफसर और कर्मचारी खानापूर्ति के लिए ड्यूटी कर रहे हैं।
बेहतर परफार्मेंस पर मिलेगा सम्मान
अब सिर्फ टेबल वर्क करने से बात नहीं बनेगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को अपना परफार्मेंस रिकार्ड में दिखाना होगा। उन्हें बताना होगा कि उन्होंने क्या काम किया है। इसके लिए बकायदा रैकिंग तय की जाएगी। इसके लिए जिले के सभी चार ब्लाक कोटा, मस्तूरी, बिल्हा और तखतपुर के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो उनके काम को देखकर रैंकिंग देंगे और उनका परफार्मेंस तय होगा। जैसे अधिकारी और कर्मचारियों को परिवार नियोजन की जिम्मेदारी दी गई है। लेकिन, जिले में नसबंदी कार्यक्रम ठप पड़ा है। ऐसे में उस अधिकारी और कर्मचारी की परफार्मेंस खराब मानी जाएगी। इसी तरह सभी योजनाओं का आंकलन किया जाएगा। खराब परफार्मेंस देने वालों पर जहां कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अच्छे काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित भी किए जाएंगे।
सभी योजनाओं को टॉप में लाने का है टारगेट
सीएमएचओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य योजनाओं में बिलासपुर को टॉप में लाने का टारगेट रखा गया है। मार्च में वित्तीय वर्ष समाप्त होने से से पहले जनवरी से मार्च के बीच तीन माह के भीतर सभी योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर रूप से करने की तैयारी चल रही है। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि प्रदेश में बिलासपुर स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन करे। इसलिए सीएमएचओ ने बीएमओ के साथ ही हर ब्लॉक में एक-एक नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की है।



