विधानसभा क्षेत्र नवागढ़ के गांव नांदघाट में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के कक्षा 11वीं के छात्र नीलेंद्र बंजारे ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लाई-फाई और इलेक्ट्रॉनिक स्टिक डिवाइस भेंट किया। छात्र ने इसे खुद बनाया है। सीएम भूपेश ने छात्र बंजारे के हुनर की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
छात्र नीलेंद्र बंजारे ने बताया कि उसका बनाया लाई-फाई अभी वर्तमान में चल रहे वाई-फाई की तुलना में काफी तेज गति से काम करता है। इसकी स्पीड इतनी है कि 1 सेकंड में 228 जीबी तक डाउनलोड हो सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक स्टिक जिसका नाम उन्होंने ‘थर्ड-आई‘ रखा है। यह दृष्टिबाधित दिव्यांगों के लिए काफी उपयोगी है। रास्ते में कोई रुकावट आने के पहले ही यह स्टिक अलर्ट कर देगा। इसमें लगे सेंसर से सामने बाधा आने पर यह वाइब्रेट होने लगेगा इसके साथ ही इसमें लगा अलार्म भी अपने आप ही बजने लगेगा।
प्रदेश के छात्रों ने इस तरह कई इनोवेशन किए थे.. नीचे पढ़ें
4 दिन पहले एक खबर सामने आई थी जिसमें भिलाई के इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स ने एक ऐसी डिवाइस बनाई जो खेत में फसल को उतना ही पानी देगा, जितनी जरूरत होगी। इतना ही नहीं इसे चालू और बंद करने के लिए वहां किसी के रहने की भी जरूरत नहीं है। यानी इस डिवाइस की मदद से किसान घर पर बैठे अपनी फसल को पानी दे पाएंगे। इससे न तो पानी की बर्बादी होगी और न ही फसल खराब होगी।
रूंगटा इंजीनियरिंग कॉलेज (आर-1) के टेक्नोक्रेट्स ने विशेष पोर्टेबल डिवाइस तैयार किया है। जो खेत में इंस्टॉल करने पर मिट्टी की नमी, नाइट्रोजन, पोटेशियम और फासफोरस की मात्रा लगातार डिटेक्ट करता रहेगा। मिट्टी में नमी कम होने पर डिवाइस पानी की मात्रा जांच कर और कंट्रोलर को पानी सप्लाई चालू करने की कमांड देगा।
ऐप को गूगल वेदर और आईएमडी से भी लिंक किया है। इसकी मदद से ऐप बारिश से लेकर ओस तक का हिसाब रखेगा। साथ ही किसान को मोबाइल पर इसकी पूरी जानकारी घर बैठे देता रहेगा। इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स की इस तकनीक को ओडिशा सरकार ने एक लाख रुपए की राशि के साथ ओडिशा हैकॉथान में प्रथम पुरस्कार दिया है।
मात्र 1700 रुपए खर्च करके तैयारी की डिवाइस
स्टूडेंट्स प्रियांशु महतो, शुभायन महतो, विवेक पाठक और ऋषभ सिंह ने बताया कि उन्होंने इस तकनीक और ऐप का नाम “अनाज” दिया है। उन्होंने बताया कि इस डिवाइस का मॉडल उन्होंने महज 1700 रुपए की लागत से तैयार किया है। यह मॉडल एक एकड़ खेत के लिए बनाया गया है। इसकी क्षमता बढ़ाने के लिए रिसर्च जारी है।



