राजधानी समेत राज्य के कई जिलों में अब फ्लैट के साइज को लेकर लोगों से धोखाधड़ी सामने आ रही है। मकान, फ्लैट, डुप्लेक्स या बंगलों को बेचते समय बिल्डर कारपेट, बिल्टअप और सुपर बिल्टअप एरिया के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा कर रहे हैं।
मकानों खासतौर पर फ्लैट की बिक्री के समय कारपेट एरिया 1000 फीट बताया जाता है तो रजिस्ट्री के समय यही एरिया 800 से 850 फीट तक हो जाता है। लोग आपत्ति करते हैं तो बिल्डर उन्हें कंस्ट्रक्शन के नियम बताकर उलझा रहे हैं। रेरा ने ऐसा करने वाले बिल्डरों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
छत्तीसगढ़ भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के पास इस तरह की कई शिकायतें पहुंच रही हैं। पिछले दो महीने में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों ने फ्लैट के साइज को लेकर रेरा में शिकायत दर्ज कराई है। ऐसे ही एक मामले में सोमवार को जगदलपुर के एक बिल्डर के खिलाफ कड़ा फैसला दिया गया है।
इसके अलावा बाकी बिल्डरों को चेतावनी दी गई है कि प्रोजेक्ट के ब्रोशर में जितना एरिया दिखाया जा रहा है रजिस्ट्री में भी उतने ही वर्गफीट का उल्लेख होना चाहिए। इस नए फर्जीवाड़े से बिल्डरों को सीधे-सीधे 100 से 200 फीट का पैसा अतिरिक्त मिल रहा है और लोगों को 1 से 3 लाख रुपए तक का नुकसान हो रहा है।
आमतौर पर लोग कारपेट, बिल्टअप और सुपर बिल्टअप एरिया में ध्यान ही नहीं देते। ज्यादातर लोग फ्लैट का डेमो देखकर ही उसे बुक करवा लेते हैं। इस वजह से बिल्डर रजिस्ट्री के समय फ्लैट के साइज में गोलमाल कर बड़ा फायदा कमा लेते हैं।
ऐसे समझें एरिया को
कारपेट एरिया यानी फ्लैट का वो क्षेत्रफल आता है जिसे कारपेट से कवर किया जा सके। बिल्टअप एरिया में कारपेट एरिया के साथ बालकनी तथा बरामदे की भी जगह शामिल होती है। इस वजह से बिल्टअप एरिया सामान्यता कारपेट एरिया से लगभग 20 प्रतिशत अधिक होता है। इसी तरह फ्लैट के मामलों में सुपर बिल्टअप एरिया में बिल्टअप एरिया के साथ काॅमन एरिया (ओपन एरिया व ओपन एरिया टू स्काय को छोड़कर) का अनुपातिक हिस्सा भी शामिल होता है।
सामान्य रूप से सुपर बिल्टअप एरिया कारपेट एरिया से करीब 35-40 प्रतिशत अधिक होता है। रेरा अधिनियम के अंतर्गत यह अनिवार्य है कि किसी भी निर्माण का सौदा कारपेट एरिया के आधार पर किया जाए। कोई भी मकान या फ्लैट खरीद रहा है तो बिल्डर उसे कारपेट, बिल्टअप और सुपर बिल्टअप एरिया की पूरी जानकारी दे।
रेरा का निर्देश-स्पष्ट करें एरिया
- बिल्डरों को यह चेतावनी दी जाती है कि भविष्य में लोगों के साथ होने वाले इकरारनामा में कारपेट एरिया के आधार पर सौदा करने बिल्टअप/सुपर बिल्टअप एरिया का भी स्पष्ट उल्लेख करें।
- सभी दस्तावेजों में बिल्टअप, सुपर बिल्टअप और कारपेट एरिया के हर वर्गफीट की जानकारी होनी चाहिए। कारपेट एरिया में कवर्ड पार्किंग कितनी दी जा रही है इसकी भी जानकारी देनी होगी।
रेरा में प्रोजेक्ट के पंजीयन के समय ही यह क्लियर हो जाता है कि निर्माण में कितना कारपेट, बिल्ट और सुपरबिल्ट एरिया होगा। इसलिए कोई भी इसमें फर्जीवाड़ा नहीं कर सकता। लोगों को भी सतर्क होकर एग्रीमेंट और फाइनल रजिस्ट्री के समय इस एरिया को चेक करना चाहिए।



