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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण:राज्यपाल ने कहा- ‘अटल जी की मूर्ति देख यूनिवर्सिटी के शिक्षक, स्टाफ और छात्र होंगे प्रेरित’

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कुलउत्सव में राज्यपाल ने कहा कि 25 दिसंबर को भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रणेता डॉ मदन मोहन मालवीय दोनों की जयंती है, इसलिए आज का दिन बहुत खास है। मैं इसके लिए प्रदेशवासियों को बधाई देती हूं। उन्होंने कहा कि अटल जी को समाज के सभी वर्ग निर्विवाद रूप से स्वीकार करते थे। मैं शुभकामनाएं देती हूं कि अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय अटल जी की तरह ही अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाए। यहां के विद्यार्थियों को भी सफलता मिले। राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा कि परिसर में स्थापित अटल जी की प्रतिमा से शिक्षक, स्टाफ और छात्र प्रेरित होंगे।

राज्यपाल ने कहा कि तीन दिनों के कुलउत्सव में छत्तीसगढ़िया लोक संस्कृति का आयोजन करना प्रशंसनीय है। विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ संस्कृति की खुशबू बिखेर रहा है। कुलपति छत्तीसगढ़ में नोट शीट लिखते हैं, इससे निश्चित ही छत्तीसगढ़िया भाषा को नई दिशा मिलेगी। विश्वविद्यालय अनुसूचित जाति और जनजाति की संस्कृति और विद्यार्थियों के विकास के लिए बहुत काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की योजना का क्रियान्वयन करना आप सभी का दायित्व है। अटल जी साहस, दूरदर्शिता और सूझबूझ से समस्या का समाधान खोज लेते थे। ये उनकी ही देन है, जो छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना।

अच्छे कर्मों का फल जीवन में मिलता ही है- राज्यपाल अनुसुइया उइके

राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा कि आप जीवन में जो भी अच्छा काम करते हैं, उसका अच्छा फल ईश्वर जरूर देता है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सतीश अग्निहोत्री ने समारोह में कहा कि आज अटल जी का जन्मदिन है। कुलउत्सव के प्रथम दिन कुलपति ने बोला था कि आजकल नेता नहीं, जनप्रतिधि हैं, जबकि अटल जी नेता थे। नेता वह होता है, जो नेतृत्व करता है, जो पथ प्रदर्शक होते हैं यानि लोगों को रास्ता दिखाते हैं, उनका मार्गदर्शन करते हैं। अटल जी सही मायनों में राजनेता थे। वे विश्व कल्याण की बात करते थे। ऋग्वेद सबसे पुराना ग्रंथ है, इसमें वसुधैव कुटुम्बकम की अवधारणा है।

अटल जी सर्वमान्य नेता थे- कुलपति डॉ एडीएन वाजपेयी

कुलपति डॉ एडीएन ​​​​​​​वाजपेयी ने कहा कि देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। उन्होंने कहा कि अटल जी ऐसे नेता थे, जिनका विरोधी भी सम्मान करते थे। वे सर्वमान्य नेता थे। प्रदेश के निर्माण में अटल जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

2018 में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय नाम पड़ा

साल 2018 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने बिलासपुर विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय करने की घोषणा की थी। फिर इसे गजट में शामिल कर लिया गया। जिसके बाद विश्वविद्यालय के प्रांगण में अटल जी की प्रतिमा स्थापित करने निर्णय हुआ, लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह संभव नहीं हुआ। अब प्रतिमा का निर्माण होने के बाद इसका अनावरण किया गया है। कोनी स्थित नए भवन के परिसर में यह प्रतिमा स्थापित है।​​​​​​​