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PM मोदी बोले- दुनिया को हैरान कर देंगे हमारे स्वदेशी हथियार, जानें किन विदेशी उपकरणों पर लगेगा बैन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत के विरोधियों पर ”आश्चर्य का लाभ” उठाने के लिए मिलिट्री हार्डवेयर का कस्टमाइजेशन और यूनिक होना बहुत जरूरी है. और यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब हथियार और प्रणालियां भारत में ही विकसित हों. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से आयोजित वेबिनार में ”रक्षा के क्षेत्र में आत्मानिभर्ता- कॉल टू एक्शन” विषय पर अपने विचार रखते हुए उपरोक्त बातें कहीं.

उन्होंने कहा, ”यदि 10 देशों के पास एक ही प्रकार के रक्षा उपकरण हैं, तो आपके सशस्त्र बलों में कोई विशिष्टता नहीं होगी. विरोधी के खिलाफ अद्वितीयता और आश्चर्य तत्व के लिए, हमारे अपने देश में सैन्य उपकरणों का विकास करना होगा.” इस वेबिनार का आयोजन हालिया रक्षा बजट की पृष्ठभूमि में किया गया था, जो रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण को प्रोत्साहन प्रदान करना चाहता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले के समय में, विदेशी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण आयातित रक्षा उपकरणों के साथ रिश्वतखोरी के आरोपों को जोड़ा जाता था, विवाद होता था. यह अक्सर इस कारण होता ​था, क्योंकि रक्षा उपकरण बनाने वाली विदेशी कंपनियों अपने प्रतिस्पर्धियों के उत्पादों को ​बदनाम करने के लिए उन्हें निशाना बनाकर अभियान चलाती थीं.

उन्होंने कहा, “इससे भ्रम, संदेह पैदा हुआ और यहां तक ​​कि भ्रष्टाचार करने के लिए दरवाजे भी खुल गए. इस पर बहुत भ्रम पैदा किया जाता था कि कौन सा हथियार अच्छा है, कौन सा नहीं है. कौन सा उपयोगी है और कौन सा नहीं. रक्षा उपकरणों के उत्पादन के क्षेत्र में आत्मानिभर्ता इस समस्या का भी समाधान है.” पीएम मोदी ने कहा कि भारत बहुत जल्द उन हथियारों और प्रणालियों की एक नई सूची को अधिसूचित करेगा, जिन्हें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए आयात नहीं किया जा सकेगा

पहले ही 209 हथियारों और उपकरणों के आयात पर रोक लग चुका है

यह इस प्रकार की तीसरी सूची होगी. भारत सरकार पहले ही 209 हथियारों और उपकरणों की दो सूचियों को अधिसूचित कर चुकी है, जिन्हें अब दूसरे देश से आयात नहीं किया जा सकता है. इनका उत्पादन भारत में ही करना होगा. इनमें आर्टिलरी गन, मिसाइल डिस्ट्रॉयर, शिप-बोर्न क्रूज मिसाइल, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, लाइट ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, लॉन्ग-रेंज लैंड-अटैक क्रूज मिसाइल, बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट, मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, असॉल्ट राइफल, स्नाइपर राइफल, मिनी-यूएवी, विशेष प्रकार के हेलीकॉप्टर, अगली पीढ़ी के कोरवेट, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) सिस्टम, टैंक इंजन और मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली शामिल हैं.

घरेलू हथियारों की खरीद के लिए ₹54,000 करोड़ के MoU साइन हुए हैं

पीएम मोदी ने कहा कि पहली दो सूचियां अधिसूचित होने के बाद, सरकार ने घरेलू हथियारों की खरीद के लिए ₹54,000 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं और ₹4.5 लाख करोड़ की डील पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि हथियारों के आयात की प्रक्रिया बहुत लंबी और समय लेने वाली है. कुछ मामलों में मिलिट्री हार्डवेयर जब तक हमारे सशस्त्र बलों तक पहुंचते हैं, उनकी तकनीक पुरानी पड़ चुकी होती है. प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि “आत्मनिर्भरता और मेक इन इंडिया ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है.”