Home देश कई गुना बढ़ सकती है लाखों कर्मचारियों की पेंशन, जानें क्यों सुप्रीम...

कई गुना बढ़ सकती है लाखों कर्मचारियों की पेंशन, जानें क्यों सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले पर टिकी है नजर

34
0

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)  में योगदान करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है. जल्द ही उनके पेंशन (EPS) में इजाफा हो सकता है. अभी पेंशन कैलकुलेट करने के लिए बेसिक वेतन पर कैप लगा हुआ है. कर्मचारियों की न्यूनतम मासिक बेसिक वेतन (Minimum Basic Salary) 15000 रुपये है. पेंशन 15000 रुपये पर ही कैलकुलेट होती है. अब सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से कर्मचारियों की पेंशन 8571 रुपये बढ़ सकती है.

अगर कर्मचारी का बेसिक वेतन 15000 रुपये से अधिक है तो भी कैप लगने की वजह से पेंशन सिर्फ 15000 रुपये पर कैलकुलेट होता है. कैप हटने पर पेंशन अगर 20,000 रुपये के बेसिक सैलरी पर कैलकुलेट होती है तो इसमें 8571 रुपये का इजाफा होगा.

चल रही है सुनवाई
अगर आपकी सैलरी 15000 रुपये से अधिक है तो भी पीएफ की गणना भी इसी पर होगी. यानी अगर किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50000 रुपये है और वह 50000 पर ही अपनी पेंशन कैलुकलेट करना चाहता है तो वह नहीं कर सकता क्योंकि इसकी इजाजत नहीं है. अभी इस मामले पर सुनवाई जारी है. अगर सुप्रीम कोर्ट वेतन की लिमिट को खत्म करता है तो पीएफ का कैलकुलेशन उच्चतम ब्रैकेट पर भी किया जा सकता है. यानी बेसिक वेतन 15000 रुपये से अधिक होने पर पीएफ का पैसा उच्चतम स्तर पर काटा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कर्मचारियों को कई गुना ज्यादा पेंशन मिलेगी.

ऐसे समझें पूरा गणित
मान लीजिए, किसी कर्मचारी की सैलरी (बेसिक सैलरी+डीए) 20 हजार रुपये है. पेंशन के फॉर्मूले के मुताबिक, पेंशन 7500 की जगह 8,571 रुपये हो जाएगी. EPS कैलकुलेशन का फॉर्मूला यह है कि पेंशन योग्य सैलरी में ईपीएफ कंट्रीब्यूशन से गुणा करने पर जो भी आएगा, उतना ही आपके पेंशन में इजाफा होगा. इस तरह पेंशन सीधे 300 फीसदी बढ़ जाएगा.

जानें क्या है पूरा मामला
कर्मचारी पेंशन संशोधन योजना को केंद्र सरकार ने 1 सितंबर 2014 को एक अधिसूचना के जरिये लागू किया गया था, जिसका निजी क्षेत्र के कर्मचारियों ने विरोध किया. इस पर ईपीएफओ ने सुप्रीम कोर्ट में एक एसएलपी लगाई. 1 अप्रैल 2019 को ईपीएफओ की एसएलपी पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो कर्मचारी अपने वास्तविक वेतन के आधार पर योगदान दे रहे हैं, वे अपनी कंपनी के साथ संयुक्त ऑप्शन के रूप में जमा कर रहे हैं. वे बिना पेंशन योजना के लाभों का फायदा उठा नहीं पाते. पेंशन का वेतन 15000 रुपये तय करने का कोई मतलब नहीं है. इसी पर सुनवाई चल रही है.