दिल्ली की एक अदालत ने बैंक को 466.51 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़े धन शोधन के मामले (Money Laundering Case) में यस बैंक के पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (former MD and CEO of YES Bank) राणा कपूर (Rana Kapoor) की जमानत अर्जी गुरुवार को खारिज कर दी.
न्यूज़ एजेंसी भाषा की एक खबर के अनुसार, विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने राना कपूर को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ बहुत ही गंभीर और संगीन किस्म के आरोप हैं. अदालत ने कहा, ‘‘वर्तमान मामले के समग्र तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, चूंकि आरोपी के खिलाफ आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, इसलिए इस चरण में उनकी जमानत का कोई आधार नहीं बनता है. आरोपी राणा कपूर की जमानत अर्जी खारिज की जाती है.’’
15 आरोपियों को मिली जमानत
हालांकि, अदालत ने मामले में 15 अन्य आरोपियों- बी हरिहरन (B Hariharan), अभिषेक एस पांडे (Abishek S Pandey), राजेंद्र कुमार मंगल (Rajendra Kumar Mangal), रघुबीर कुमार शर्मा (Raghubir Kumar Sharma), अनिल भार्गव (Anil Bhargava), तापसी महाजन (Tapsi Mahajan), सुरेंद्र कुमार खंडेलवाल (Surendra Kumar Khandelwal), सोनू चड्ढा (Sonu Chadha), हर्ष गुप्ता (Harsh Gupta), रमेश शर्मा (Ramesh Sharma), पवन कुमार अग्रवाल (Pawan Kumar Agarwal), अमित ममतानी (Amit Mamtani), आशीष अग्रवाल (Ashish Agarwal), अमित कुमार (Amit Kumar) और विनोद बाहेती (Vinod Bahety) को जमानत दे दी.
न्यायाधीश ने कहा कि शिकायत के तथ्यों से प्रतीत होता है कि ये 15 आरोपी मामले में अन्य आरोपियों गौतम थापर (Gautam Thapar) अथवा राणा कपूर (Rana Kapoor) के निर्देश के तहत काम कर रहे थे. अदालत ने यह भी कहा कि इन आरोपियों ने हमेशा जांच के दौरान सहयोग किया और जांच एजेंसी द्वारा बुलाये जाने पर वे जांच में शामिल हुए.
एक निचली अदालत ने इससे पहले अवंता समूह के प्रवर्तक व्यवसायी गौतम थापर की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. थापर की जमानत याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित है. ईडी ने थापर को पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं.



