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टैक्‍स पेयर के लिये अच्‍छी खबर, अब वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से होगा टैक्‍स संबंधी मामलों का निपटारा

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E-advance ruling scheme : टैक्‍स पेयर के लिये एक अच्‍छी खबर है. टैक्स संबंधी मामलों को निपटाने के लिये केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने e-advance ruling scheme लागू कर दी है. इससे आयकर से जुड़े मामलों की शिकायतों का निपटारा ऑनलाइन हो सकेगा. सुनवाई में भी टैक्‍स पेयर वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिये हाजिर हो सकेंगे. सरकार ने बुधवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी.

इस सुविधा का ऐसे प्रवासी भारतीयों (NRI) को बहुत लाभ होगा, जिनकी टैक्‍स देनदारियां भारत में भी हैं और टैक्‍स संबंधी मामलों की सुनवाई में शामिल होने के लिये भारत नहीं आ सकते. ऐसे लोग ई-मेल के जरिये सीबीडीटी को आवेदन देंगे और उसी आधार पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या वीडियो टेलीफोनी से उनके मामले की सुनवाई की जाएगी.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ई-एडवांस रूलिंग्स योजना को अधिसूचित करते हुए कहा है कि एडवांस रूलिंग्स बोर्ड के सामने सुनवाई video conferencing या वीडियो कॉल के जरिये की जाएगी. नोटिस आदि टैक्‍स पेयर के रजिस्‍टर्ड ई-मेल पर भेजे जायेंगे. इससे टैक्‍स पेयर को अपना पक्ष रखने में सुविधा होगी. इनकम टैक्स कानून में अग्रिम कर निर्णय या एडवांस टैक्स रूलिंग का इंतजाम किया गया है ताकि प्रवासी टैक्सपेयर को स्थिति साफ की जा सके. इसके अलावा कुछ खास तरह के टैक्सपेयर के लिए भी यह व्यवस्था लागू अब लागू होगी.

ऐसे उठा सकेंगे फायदा
ई-एडवांस रूलिंग्स योजना के मुताबिक, आवेदक खुद या अपने किसी प्रतिनिधि के माध्‍यम से टैक्‍स के संबंध में उसे दिये गये नोटिस या आदेश का ऑनलाइन जवाब दे सकता है. सुनवाई के लिये उन्‍हें सीबीडीटी के सामने प्रत्‍यक्ष हाजिर होने की आवश्‍यकता नहीं होगी. वे वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से सुनवाई में हाजिर हो सकेंगे. अभी तक यही नियम था कि टैक्सपेयर को एडवांस रूलिंग के लिए हाजिर होना पड़ता था. इसके अलावा वे ई-मेल से सीबीडीटी के नोटिस का जवाब दे सकेंगे.

नांगिया एंडरसन इंडिया के चेयरमैन राकेश नांगिया ने PTI-भाषा को बताया कि ईमेल और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से आवेदन करने की व्यवस्था लागू होने से टैक्स मामलों की सुनवाई में प्रवासी भारतीयों के लिए काफी सहूलियत हो जाएगी. इस नई व्यवस्था में टैक्स पेयर, इनकम टैक्स के अधिकारी और एडवांस रूलिंग के बोर्ड के बीच इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होने से समय की बचत होगी और टैक्‍स पेयर को परेशानी भी नहीं होगी.