WhatsApp को भारत में अपनी भुगतान सेवा के लिए यूजर्स की संख्या को दोगुना करने का रेगुलेटरी अप्रूवल मिल गया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक सूत्र के हवाले से यह रिपोर्ट किया है. WhatsApp ने अनुरोध किया था कि भारत में उसकी भुगतान सेवा के यूजर्स पर कोई सीमा नहीं होनी चाहिए, जिसके बाद कंपनी को यूजर्स बेस दोगुना करने का अप्रूवल दे दिया गया.
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने इस हफ्ते कंपनी से कहा कि वह यूजर्स बेस को दोगुना कर सकती है, जिससे वह अपनी भुगतान सेवा की पेशकश कर सकती है. अभी WhatsApp की भुगतान सेवा 20 मिलियन यूजर्स तक सीमित है. बता दें कि WhatsApp का स्वामित्व Facebook के पास है, जिसने हाल ही में अपना नाम बदलकर Meta कर लिया है.
हालांकि नई सीमा अभी भी कंपनी के विकास की संभावनाओं में बाधा बनेगी क्योंकि व्हाट्सएप की मैसेंजर सेवा के भारत में 500 मिलियन से अधिक यूजर्स हैं, जो कंपनी का सबसे बड़ा बाजार है. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि नई यूजर्स कैप कब से लागू होगी. फिलहाल, मामले के संदर्भ में WhatsApp ने टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है जबकि एनपीसीआई ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.
व्हाट्सएप का गूगल पे, पेटीएम और फोनपे से मुकाबला
भारतीय डिजिटल बाजार में व्हाट्सएप का मुकाबला अल्फाबेट इंक के गूगल पे, सॉफ्टबैंक और एंट ग्रुप समर्थित पेटीएम और वॉलमार्ट के फोनपे के साथ है. NPCI ने पिछले साल व्हाट्सएप को अपनी भुगतान सेवा शुरू करने की मंजूरी दी थी. इससे पहले व्हाट्सएप ने डेटा भंडारण मानदंडों सहित केंद्र के नियमों का पालन करने की कोशिश में सालों लगा दिए. नियमों के अनुसार, भुगतान-संबंधित डेटा को स्थानीय रूप से संग्रहीत करना जरूरी है.



