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क्या BSP क्षेत्र नगर पालिका में नहीं :जिला कांग्रेस पूर्व महामंत्री का CM को पत्र-सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलता, आपको स्पष्ट घोषणा करनी चाहिए

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मुख्यमंत्री की हाफ बिजली बिल योजना का लाभ भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र में रह रहे लोगों को नहीं मिल रहा है। इस मांग को कांग्रेसी नेता द्वारा कई बार उठाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। कांग्रेसी नेता ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर दुर्ग जिले के दौरे के दौरान इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई। इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने जनहित के इस मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दिया और सेक्टर वासियों को हाफ बिजली बिल योजना का लाभ नहीं मिल सका।

दुर्ग जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महामंत्री और प्रवक्ता ज्ञानचंद जैन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर सेक्टर वासियों को भी छत्तीसगढ़ शासन की योजना का लाभ दिलाने की मांग की थी। जैन ने अपने पत्र में लिखा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र में रहने वाले आम उपभोक्ताओं ने ऐसी क्या गलती कर दी है जिन्हें राज्य शासन की योजना हाफ बिजली दर का लाभ नहीं मिल रहा है। जब राज्य के सभी उपभोक्ता को योजना का लाभ मिल रहा है तो फिर सेक्टर वासी इससे वंचित क्यों हैं। उन्हें विद्युत दरों की छूट का लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। क्यों नहीं राज्य सरकार भिलाई इस्पात संयंत्र के द्वारा खपत की जाने वाली घरेलू विद्युत पर एक मुश्त छूट का लाभ देती। जैन ने मुख्यमंत्री से भिलाई दौरे पर इस समस्या का हल निकालने का आग्रह किया था, लेकिन उनकी मांगों का कहीं पर भी कोई जिक्र नहीं किया गया।

ज्ञानचंद जैन ने लिखा था कि 3 साल बीत जाने के बाद भी आज तक स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा पर कोई सम्मानजनक हल निकाले जाने का प्रयास अब तक नहीं किया है। इसलिए वह उम्मीद करते हैं कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सेक्टरवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य में रहने वाले अन्य उपभोक्ताओं की तरह बिजली बिल की दर में छूट का लाभ दिलाएंगे। जैन ने केवल विद्युत समस्या के मुद्दे से ही सीएम को अवगत नहीं कराया, बल्कि उन्होंने अपने पत्र में और भी कई मुद्दों को उठाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि भिलाई इस्पात संयंत्र का क्षेत्र क्या नगर पालिका निगम के कार्य क्षेत्र में है या यह एक स्वतंत्र एजेंसी है। इसकी भी एक स्पष्ट घोषणा भूपेश बघेल को करनी चाहिए।

जब से नगर पालिका निगम भिलाई का गठन हुआ है तब से भिलाई इस्पात संयंत्र और नगर पालिका निगम के मध्य रस्साकशी चली आ रही है। अनेक मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। ऐसे क्या कारण हैं कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले कलेक्टर दुर्ग के पास यह भी अधिकार नहीं कि इन दोनों निकाय के लोगों को बैठाकर समस्या का हल निकाला जा सके।