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आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संभागीय स्तर पर संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में अपनी आठ सुत्रीय मांगो को लेकर किया गया धरना प्रदर्शन…

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अंबिकापुर, सरगुजा छत्तीसगढ़। जावेद खान “मेरूवाणी डाॅट इन”…

अम्बिकापुर महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में केन्द्र और राज्य सरकार के द्वारा सौंपे गये सभी महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन हम ईमानदारी से करते आ रहे हैं। काम के अनुपात और बढ़ती महंगाई के अनुरूप मानदेय और अन्य सुविधायें बहुत ही कम है।

वर्तमान में केन्द्र सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 4500 रूपये और सहायिका को 2250 रूपये मानदेय प्रदान किया जा रहा है। क्रमशः प्रतिदिन 150 रूपये एवं 75 रूपये प्रतिदिन मिलता है, जो कि न्युनतम मजदूरी से भी कम है।

इसी तरह कार्यकर्ता सहायिकाओं को 62 वर्ष की उम्र पूरा होने पर शासकीय कर्मचारीयों की तरह सेवानिवृत्त किया जा रहा है, लेकिन शासकीय कर्मचारियों की तरह कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, बुढ़ापे के शेष जीवन यापन के लिये सामाजिक सुरक्षा के रूप में मासिक पेंशन का लाभ भी प्राप्त नहीं हो रहा है।

यहाँ यह भी उल्लेख करना आवश्यक होगा कि कलेक्टर दर में कार्यरत एक मजदुर का भी प्रति वर्ष प्रोत्साहन स्वरूप कुछ न कुछ राशि प्रतिवर्ष बढ़ाया जाता है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं के लिये यह भी प्रावधान दोनों सरकारों के पास नहीं।

छत्तीसगढ़ राज्य में कार्यरत आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं को राज्य सरकार के द्वारा 2000 रुपये कार्यकर्ता और 1000 रूपये सहायकाओं को दिया जा रहा है। इस तरह से केन्द्र और राज्य को मिलाकर 6500 रू. कार्यकर्ता को और 3250 रू. सहायिकाओं को मानदेय मिल रहा है, जबकि मध्यप्रदेश और अन्य कई राज्यों में 10000 रू. या इससे अधिक मानदेय है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अपने चुनावी जन घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नर्सरी शिक्षक के रूप में उन्नयन किये जाने और कलेक्टर दर पर वेतन स्वीकृत किये जाने का उल्लेख किया गया है, लेकिन ढाई वर्ष से अधिक का कार्यकल पूरा होने के बाद भी वादा पूरा नहीं किया जाना अत्यंत दुखद बात है।
अभी हाल में केन्द्र सरकार द्वारा मोबाईल के माध्यम से पोषण ट्रेकर एप का डाउनलोड करना इससे जानकारी भेजना तथा जानकारी नहीं भेजने पर मानदेय काटने का निर्देश दिया गया है, इसी तरह मतदाता सूची का पुनिरीक्षण केन्द्र खोलने और बंद करने के साथ ही साथ अन्य कई विभागीय गतिविधियों को मोबाईल से जानकारी भेजने हेतु समय समय पर निर्देश दिया जा रहा है, जो कि पूर्ण अव्यवहारिक है क्योंकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अल्प मानसेवी है ग्रामीण अंचलों में कम पढ़ी लिखी है, विभाग द्वारा ना तो मोबाईल दिया गया है और न ही नेट चार्ज ऐसे स्थिति में मोबाईल पर कार्य करने का दबाव बनाना न्याय संगत नहीं है।

उक्त विषयों के साथ ही साथ इस पत्र के साथ संलग्न अन्य 08 सूत्रीय मांगों के प्रति केन्द्र और छत्तीसगढ़ सरकार की ओर संघ द्वारा ध्यानाकर्षण करते हुये दिनांक 22.09.2021, दिनांक 26.09.2021, दिनांक 02. 10.2021, दिनांक 23.10.2021, दिनांक 01.11.2021 को परियोजना, जिला स्तर में ध्यानाकर्षण धरना प्रदर्शन कर शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है, लेकिन ना तो इस संबंध में संघ प्रतिनिधियों से चर्चा हुई है और ना ही कोई सार्थक पहल किया गया है। इसलिये ध्यानाकर्षण के छठवें चरण के तहत प्रत्येक संभाग में संभाग स्तरीय धरना रैली का आयोजन कर शासन का ध्यानाकर्षण किया जा रहा है, जिसके तहत आज दिनांक 18.11.2021 को न्यायधानी अम्बिकापुर में सरगुजा संभाग, कोरिया, जशपुर, सुरजपुर, बलरामपुर और अम्बिकापुर जिले के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं का यह आग्रह पत्र आपकी ओर प्रेषित कर निवेदन करते हैं कि हमें भी जिने लायक वेतन बुढ़ापे का पेंशन दिलाते हुये संलग्न मांग पत्रों की पूर्ति कराने का कष्ट करें। इसके बाद भी मांगों की पुर्ती नही होने पर दिनांक 10.12.2021 से 16.12.2021 तक रायपुर राजधानी मुख्यालय में दिन व रात का महाधरना रैली किया जावेगा।

प्रमुख मांगे

  1. शिक्षा कर्मियों की तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को भी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाये प्रमुख मांगे । तब तक जीने लायक वेतन कम से कम मध्यप्रदेश जैसे 10,000 स्वीकृत किया जावे, चुनावी घोषणा पत्र को पुरा किया जावे।
  2. मिनी आंगनबाड़ी को पूर्ण आंगनबाड़ी बनाया जावे।
  3. सुपरवाईजर के रिक्त पदों को शत-प्रतिशत वरिष्ठता क्रम में कार्यकर्ताओं से ही शीघ्र भरा जावे।
  4. कार्यकर्ता के रिक्त पदों को सहायिकाओं से ही भरा जावे 25 प्रतिशत के बंधन को समाप्त किया जावे।
  5. मासिक पेंशन, ग्रेज्युवेटी, समूह बीमा का लाभ दिया जावे।
  6. मोबाईल, नेट चार्ज और मोबाईल भत्ता दिया जावे, तब तक में कोई कार्य न लिया जावे। बी.एल.ओ. का कार्य भी मोबाईल से ना लिया जावे।
  1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं से सेवा के दरम्यान असामयिक मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दिया जावे। कोविड़ 19 में कार्य का प्रोत्साहन राशि दिया जावे।
  2. विभिन्न कारणों से सेवामुक्त किये गये सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं को निःशर्त सेवा में पुनः बहाल किया जावे।

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जावेद खान, अंबिकापुर सरगुजा जिला ब्यूरो प्रमुख।