Home छत्तीसगढ़ प्रशासन की टीम नें झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक में मारा छापा, आनें...

प्रशासन की टीम नें झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक में मारा छापा, आनें की भनक पाकर कई झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक बंद करके भाग निकले…

355
0

बेमेतरा/नवागढ़। शुभम दुबे “मेरूवाणी डाॅट इन”…

झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ मिल रहे लगातार गंभीर शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है।नवागढ़ क्षेत्र के बहुत से झोलाछाप डॉक्टरों का नाम सूची में आया है। शुक्रवार को ब्लाक के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पुलिस और राजस्वकर्मियों के साथ मिलकर मारो क्षेत्र अंर्तगत आधा दर्जन झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक पर छापा मार दिया। जहां पर मारो लोकल से 04 वंही अन्य दो ग्राम टेमरी एवं गुंजेरा से है. दो क्लिनिक को मइके पर सील किया गया है एवं अन्य को नोटिस भेजा जायेगा।

उल्लेखनीय है कि नवागढ़ बीएमओ बोधेश्वर वर्मा, नांदघाट तहसीलदार कंवर एवं मारो चौकी प्रभारी कश्यप सहित अधिकारियो की टीम ने को झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक में छापेमारी की। उनके आने की भनक पाकर कई झोलाछाप डॉक्टर क्लीनिक बंदकर भाग निकले तो कई भूमिगत हो गए।

जो क्लीनिक खुले मिले उनपर कार्यवाही किया गया है। नर्सिंग होम एक्ट के तहत बीएमओ की इस तरह की पहली बार कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

लगातार चलेगा अभियान…
झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होते देख उनमें दहशत का माहौल है। बीएमओ बोधेश्वर वर्मा ने बताया कि जिला विभागीय अधिकारीयों के निर्देशानुसार अब ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा और कार्रवाई होगी। इस तरह की कार्रवाई से कई झोलाछाप डॉक्टर भूमिगत हो चुके हैं और कई दुकान बंद कर भागने के फिराक में हैं।

यहां हुई कार्रवाई…
डॉक्टरों की टीम पहले नगर पंचायत मारो पहुंची। जंहा ज्यादतर क्लीनिक संचालक अफसरों को देख भाग निकले । मारो का यादव क्लिनिक बिना दस्तावेज संचालित होने के साथ-साथ वंहा एक पेटी खाली शराब को बोतले भी पाई गई जिसे देश अफसर दंग रह गये, उसे सील कर दिया गया है. वहीं गुंजेरा के एक दवाखाना में महिला डॉक्टर इलाज करते पाए गई । उनके खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

ग्रामीण इलाको में झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार जोरो पर…

ब्लाक में झोलाछाप डॉक्टरों का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। शासन के लाख कोशिशों के बाद भी इनका कारोबार चोरी छिपे चल रहा है, जबकि शासन ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत जिन्होंने लाइसेंस लिया है उन्हीं को ही क्लीनिक चलाने का अधिकार दिया है। वह भी केवल एमबीबीएस डॉक्टरों को ही पात्रता है। शेष झोलाछाप की केटेगरी में आते हैं। फिर भी ग्रामीण अंचल में बढ़े पैमाने पर संचालन किया जा रहा है।