एक दिन शनिवार की बात हैं एक ऑफिस कॉम्प्लेक्स में एक पत्रकार गए थे जहां पर एक नई शिफ्ट कार पहले से ही खड़ी थी
जिस पर पत्रकार महोदय की कार छूकर निकल गई
अब क्या था उसका मूल मालिक की खोज बिन शुरू हुई जहां जानकारी आई की वो कार बी जे पी के एक युआ नेता की है सहजता वश पत्रकार ने सॉरी बोलना चाहा पर जो उस गाड़ी में सवार होते है वो राजस्व विभाग के पटवारी निकले पता चला कि वो उन्हें एक कार्य वश बतौर इनाम दिया गया है
अब क्या था उन्होंने तत्काल नेता जी को फ़ोन लगाया और बात करने को कहा। जिस पर उसने कह दिया की खर्चा दे दो
इस असमंजस में पत्रकार ने पूछ लिया कितना ” जो की ना गुजारा हुआ ।
बातो बातों में पता चला कि साथ में कार्यपन अधिकारी भी साथ है जो थार में घुमना चाहते है
खैर पत्रकार तो पत्रकार है उसने कहा जब बनवा लेना फिर पैसे ले लेना और अपना फोन नंबर देकर चले आए । अब इंतजार है कि किसे पैसा दिया जाएगा



