Budget 2021: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया. नौकरीपेशा लोगों को इस बार के बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन आयकर के स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश किया. इस बार के बजट से मध्यवर्ग के नौकरीपेशा लोगों को काफी उम्मीदें थीं. ये लोग आयकर में राहत मिलने की आस लगाए बैठे थे, लेकिन वित्त मंत्री ने उन्हें निराश किया. IT स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया. इसके बावजूद वित्त मंत्री ने 6 घोषणाएं कीं.
पहला, निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में 75 वर्ष से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को राहत प्रदान की है. इस श्रेणी में आने वाले वैसे वरिष्ठ नागरिक जिनके आय का स्रोत सिर्फ पेंशन और ब्याज हैं, उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की जरूरत नहीं है.
दूसरा, बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना को लेकर भी घोषणा की. उन्होंने टैक्स जुड़े केसों को फिर से खोलने की अवधि को 6 वर्ष से कम कर 3 साल करने ऐलान किया है.
तीसरा, वित्त मंत्री ने आयकरदाताओं को राहत प्रदान की है. अब कैपिटल गेन और ब्याज से हुई आय प्री-फाइल होंगी. मतलब उसे अलग से करने की जरूरत नहीं होगी.
चौथा, केंद्र सरकार ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण को फेसलेस बनाने और नेशनल इनकम टैक्स अपीलिएट ट्रिब्यूनल सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा है.
पांचवां, डिजिटल माध्यम से ज्यादातर व्यवसाय करने वाली कंपनियों को टैक्स ऑडिट से मिलने वाली छूट दोगुनी करने की घोषणा की गई है.
छठवां, 50 लाख रुपये से ज्यादा की आय छुपाने से जुड़े मामलों को 10 साल के बाद फिर से खोला जा सकेगा.



