Home खेल India vs England: चेन्नई की पिच हरी घास से भरपूर, यहां 35...

India vs England: चेन्नई की पिच हरी घास से भरपूर, यहां 35 सालों से इंग्लैंड से नहीं हारी टीम इंडिया

37
0

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने कहा कि अगर जूनियर स्तर पर बाउंसर पर प्रतिबंध लगाना है तो सीनियर स्तर पर भी लगाना होगा.

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने अंडर 18 क्रिकेट में बाउंसर पर प्रतिबंध लगाने की आलोचना की है. उन्होंने इसे हास्यास्पद बताया है. वॉन ने कहा कि अगर क्रिकेट में सीधे युवाओं को शॉर्टपिच गेंदों का सामना करना पड़ा तो यह और खतरनाक होगा. हाल ही में कनकशन (सिर की चोट) विशेषज्ञ माइकल टर्नर ने अपील की थी कि अंडर 18 आयुवर्ग में बाउंसर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जाए. टर्नर ‘इंटरनेशनल कनकशन एंड हेड इंजुरी रिसर्च फाउंडेशन’ के मीडिया निदेशक हैं.

वॉन ने कहा, “यह हास्यास्पद सुझाव है. अगर युवाओं को सीनियर स्तर पर खेलते समय पहली बार शॉर्ट गेंदों का सामना करना पड़ेगा तो यह और जोखिम भरा होगा.” उन्होंने कहा कि अगर जूनियर स्तर पर बाउंसर पर प्रतिबंध लगाना है तो सीनियर स्तर पर भी लगाना होगा. उन्होंने कहा, “मैं जूनियर स्तर पर बच्चों को खेलते देखता हूं. मेरा बेटा भी खेलता है. उन्हें बहुत कम शॉर्ट पिच गेंद कराई जाती है. गेंदबाजों में इतनी शारीरिक क्षमता नहीं होती कि बच्चों को बाउंसर डाल सके और पिचें भी धीमी होती है.”

उन्होंने कहा, “नेट्स पर ही युवा बल्लेबाजों को शॉर्ट गेंदों का सामना करना सिखाया जाता है. उस पर प्रतिबंध लगाना है तो सीनियर स्तर पर भी लगाना होगा.” नवंबर 2014 में एक घरेलू मैच में सीन एबोट के बाउंसर पर ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज फिलीप ह्यूज की मौत के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर बहस शुरू हो गई थी.

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने भी टेस्ट क्रिकेट में बाउंसर पर प्रतिबंध लगाने के किसी भी विचार को खारिज किया था. चैपल ने कहा था, “बाउंसर पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के किसी भी विचार को उसी तरह से तुरंत खारिज कर देना चाहिए, जैसे गेंदबाज न्यूजीलैंड के पुछल्ले बल्लेबाज क्रिस मार्टिन को आते ही पवेलियन भेज देते थे.”