ये मशीन पिस्तौर इजरायल की उजी श्रृंखला की तोपों में शामिल हैं. ये 100 मीटर की दूरी पर फायर करने में सक्षम है.
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (Defence Research and Development Organisation) (DRDO) ने देश की पहली स्वदेशी मशीन पिस्तौल ASMI (Machine Pistol ASMI) को विकसित किया है. डीआरडीओ द्वारा भारतीय सेना (Indian Army) की मदद से विकसित की गई पिस्तौल को रक्षा बलों में 9 मिमी पिस्तौल को बदलने के लिए तैयार किया गया है.
ये मशीन पिस्तौर इजरायल की उजी श्रृंखला की तोपों में शामिल हैं. ये 100 मीटर की दूरी पर फायर करने में सक्षम है.
इस मशीन पिस्टल ने अपने विकास के अंतिम चार महीनों में 300 से ज्यादा राउंड फायर किए हैं. भारत की पहली स्वदेशी मशीन पिस्टल एएसएमआई आज सेना के नवाचार प्रदर्शन कार्यक्रम में दिखाई है. ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही इसे भारतीय सेना को इस्तेमाल करने के लिए दिया जाएगा.



