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इनकम टैक्स: सेक्शन 80C के अलावा भी मिलता है टैक्स छूट का लाभ, जानिए इनके बारे में.

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इनकम टैक्स (Income Tax) फाइल करते समय सेक्शन 80C (Income Tax Act, 1961. Section 80C) के अलावा भी कई तरह के टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकता है. यह डिडक्शन 1.5 लाख रुपये के अलावा होगा. वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ​टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2020 है.

इस साल के खत्म होने से पहले अधिकतर लोगों को वित्तीय वर्ष 2019-20 का इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल करना है. टैक्स रिटर्न फाइल करने से पहले सेक्शन 80C के तहत टैक्स डिडक्शन (Tax Deduction) क्लेम करने के कई फायदे हैं. सेक्शन 80सी के तहत PPF, ELSS फंड्स आदि के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ मिलता है. टैक्स सेविंग्स इन्वेस्टमेंट्स की डेडलाइन 31 जुलाई 2020 है. कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए सरकार ने इस डेडलाइन को बढ़ाया है. सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के टैक्स छूट का लाभ मिलता है. लेकिन, 80सी के अलावा भी टैक्स छूट का लाभ मिल सकता है. आइए जानते हैं इनके बारे में.

कोई भी टैक्सपेयर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम (Health Insurance Premium) के नाम पर 25,000 रुपये तक के टैक्स छूट का दावा कर सकता है. इसमें पति/पत्नी, बच्चों समेत खुद की पॉलिसी पर जमा किए गए प्रीमियम शामिल होगा. इसमें 5,000 रुपये का मेडिकल चेकअप भी शामिल है. अगर आपके माता/पिता वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आते हैं और आप ही इनका प्रीमियम भरते हैं तो 50,000 रुपये तक का टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं. कुल मिलाकर हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ उठाने के साथ ही आपको 75,000 रुपये का टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं.

इसके अलावा अगर आपने किसी पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (Public Charitable Trust) में डोनेशन किया है तो इसपर भी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80G के तहत टैक्स छूट का लाभ प्राप्त कर सकते हैं. टैक्स छूट की यह रकम डोनेट किए गए 100 फीसदी रकम या 50 फीसदी रकम पर क्लेम किया जा सकता है. यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने किस तरह के संस्था में निवेश किया है. उदाहरण के तौर पर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में किए गए डोनेशन की पूरी रकम पर टैक्स छूट क्लेम किया जा सकता है.

एजुकेशन लोन (Education Loan)) पर लगने वाले ब्याज पर भी सेक्शन 80E के तहत टैक्स छूट क्लेम किया जा सकता है. लेकिन, शर्त है कि यह एजुकेशन किसी बैंक, वित्तीय संस्थान या चैरिटेबल संस्थान से लिया गया हो. किसी दोस्त या अन्य संबंधी द्वारा लिए गए लोन पर यह लाभ नहीं मिलेगा. हालांकि, टैक्स छूट के लिए यह क्लेम एजुकेशन लोन शुरू का रिपेमेंट शुरू होने से लेकर 8 साल तक के लिए ही किया जा सकता है. इसके लिए बैंक से स्टेटमेंट प्राप्त कर सकते हैं, जिसमें मूल धन और ब्याज की रकम के बारे में अलग से जानकारी दी गई हो.

इस टैक्स छूट को तब क्लेम किया जा सकता है, जब परिवार के आश्रित सदस्यों के कैंसर, एड्स समेत कुछ बड़ी एवं खतरनाक बीमारियों पर खर्च किया गया हो. इस डिडक्शन की ​लिमिट 40,000 रुपये तक की है. लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह लिमिट 1,00,000 रुपये तक की होती है. इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80 डीडीबी के तहत यह छूट मिलती है.