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उत्तर प्रदेश: आंदोलन में भाग लेने वाले किसानों को दिया 50 लाख का नोटिस, फिर घटाई रकम

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जिन छह किसानों को नोटिस दिया गया, उनमें भारतीय किसान यूनियन (असली) संभल के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के अलावा जयवीर सिंह, ब्रह्मचारी यादव, सतेंद्र यादव, रौदास और वीर सिंह शमिल हैं.

छह दिन पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के संभल में छह किसान नेताओं (Farmer leaders) को नोटिस जारी कर 50-50 लाख रुपये का मुचलका भरने को कहा गया था. इन पर संभल जिला प्रशासन ने नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों को उकसाने और शांतिभंग करने का आरोप लगाया था. लेकिन अब पुलिस का कहना है कि नोटिस भेजते समय गलती हो गई और आरोपी किसानो को अब 50 -50 हजार का नोटिस भेजा जा रहा है.

संभल के एसपी चक्रेश मिश्रा ने कहा है कि किसानं को अब नया नोटिस भेजा जाएगा. एसडीएम दीपेंद्र यादव ने गुरुवार को कहा, ‘हमें हयात नगर पुलिस थाने से रिपोर्ट मिली थी कि कुछ व्यक्ति किसानों को उकसा रहे हैं और इससे शांति भंग होने की आशंका है.’ उन्होंने बताया कि थाना अध्यक्ष की रिपोर्ट में कहा गया था कि इन लोगों को 50-50 हजार रूपए के मुचलके से पाबंद किया गया. उन्होंने बताया कि इस मामले में सीआरपीसी की धारा 111 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं. पुलिस द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के आधार पर (शांति भंग करने की संभावना वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ) मजिस्ट्रेट ऐसा आदेश दे सकता है.

‘हक की लड़ाई लड़ रहे हैं’
जिन छह किसानों को नोटिस दिया गया, उनमें भारतीय किसान यूनियन (असली) संभल के जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह यादव के अलावा जयवीर सिंह, ब्रह्मचारी यादव, सतेंद्र यादव, रौदास और वीर सिंह शमिल हैं. यादव ने कहा, ‘हम ये मुचलके किसी भी हालत में नहीं भरेंगे, चाहे हमें जेल हो जाए, चाहे फांसी हो जाए। हमने कोई गुनाह नहीं किया है, हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं.’

कृषि मंत्री की अपील
इस बीच दिल्ली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को लेकर जारी किसानों के प्रदर्शन के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के नाम पत्र लिखा है. इस पत्र में कृषि मंत्री ने कृषि सुधार कानूनों के फायदे गिनाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों में से कुछ लोगों द्वारा भ्रम फैलाने की बात भी कही है. कृषि मंत्री ने अपने पत्र मे लिखा है कि वह खुद भी किसान हैं और खेती की चुनौतियों को समझते हैं. उन्होंने कहा है कि मोदी सरकार पिछले छह सालों से किसानों को सशक्त करने के प्रयास कर रही है.