रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने चालू खाते के कई नियमों में राहत देने का ऐलान किया है. नए नियम आज से ही लागू हो गए हैं.
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) ने चालू खाते के कई नियमों में राहत देने का ऐलान किया है. नए नियम आज से ही लागू हो गए हैं. नए नियमों के मुताबिक, 6 अगस्त को रिजर्व बैंक की ओर से कमर्शियल बैंक्स और पेमेंट बैंक्स के लिए एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें चालू खाते को लेकर कुछ जरूरी निर्देश दिए गए थे लेकिन अब इन नियमों से कई अकाउंट्स को राहत दी गई है.
आपको बता दें 6 अगस्त को रिजर्व बैंक की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया था, जिसमें बताया गया था कि आरबीआई ने कई ग्राहकों को करंट अकाउंट खोलने पर रोक लगा दी है. बता दें जिन ग्राहकों ने बैंकिग सिस्टम से कैश क्रेडिट या फिर ओवरड्राफ्ट के रूप में क्रेडिट फैसिलिटी ली है.
नए सर्कुलर में क्या हुए बदलाव
इसके अलावा नए सर्कुलर के मुताबिक ग्राहकों को उसी बैंक में अपना Current Account या ओवरड्राफ्ट अकाउंट खुलवाना अनिवार्य होगा, जिससे वो लोन ले रहे हैं.
आखिर क्यों जारी हुआ ये नियम?
आपको बता दें ये नियम उन ग्राहकों पर लागू होगा जिन्होंने बैंक से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लिया है. रिजर्व बैंक ने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि ग्राहक लोन (Loan) किसी एक बैंक से लेते हैं और करंट अकाउंट किसी दूसरे बैंक में जाकर खुलवा लेते हैं. ऐसा करने से कंपनी का कैशफ्लो ट्रैक करने में काफी परेशानी होती है. इसलिए आरबीआई ने सर्कुलर जारी कर कहा कि कोई भी बैंक इस तरह के ग्राहकों का चालू खाता न ओपन करें, जिन्होंने कैश क्रेडिट या फिर ओवरड्राफ्ट की सुविधा कहीं और से ली है.
बैंक भी इन बातों का रखें ध्यान
बता दें RBI ने करंट अकाउंट खोलने की शर्तों में छूट देने के साथ-साथ ग्राहकों को अलर्ट भी किया है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि ये छूट सिर्फ शर्तों के साथ दी जा रही है तो बैंक को भी इसका ध्यान रखना होगा. इसके अलावा बैंक इस बात को लेकर आश्वस्त करेंगे कि इसका इस्तेमाल कुछ तय ट्रांजेक्शन के लिए ही किया जाएगा. इसके अलावा बैंक की ओर से इसकी मॉनिटरिंग भी की जाएगी. RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि कैश क्रेडिट/ओवरड्राफ्ट को रेगुलर मॉनिटर करें.



