फ्रांस (France) के राजदूत (Ambassador) इमैनुएल लेनन आज गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple) पहुंचे और यहां पर पूजा-अर्चना की. इसके बाद लेनन ने गोरखपुर शहर का भ्रमण किया. उन्होंने गोरखपुर के कलेक्टर से शहर में ऑटोमोबाइल सेक्टर (Automobile sector) में निवेश करने की ईच्छा जताई.
कोरोना संकट (Corona crisis) में चीन (China) से भाग रही फ्रांसीसी कंपनियों के लिए निवेश का नया ठिकाना अब गोरखपुर (Gorakhpur) बनने वाला है. फ्रांस (France) के राजदूत इमैनुएल लेनन(Emmanuel Lennon) ने इसके बारे में इच्छा जताई है. गुरुवार सुबह गोरखपुर में गोरक्षनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद गोरखपुर शहर का भ्रमण कर फ्रांसीसी राजदूत न इस बारे में इच्छा जताई.
गोरखपुर भ्रमण के दौरान फ्रांस के राजदूत इमैनुअल लेनन रामगढ़ ताल को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए. उन्होंने डीएम के. विजयेंद्र पाण्डियन ने इस ताल को स्वच्छ और सुंदर बनाने की इच्छा जताई. लेनन ने जिलाधिकारी से कहा है कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री से बात कर लें. सरकार की सहमति मिलेगी तो फ्रांसीसी तकनीक से वहां की कंपनी इस प्राकृतिक ताल को स्वच्छ करेगी. दिल्ली सरकार के साथ मिलकर फ्रांसीसी कंपनियां दो ताल को स्वच्छ करने का काम कर रही है.
फ्रांस के राजदूत ने डीएम से गोरखपुर में निवेश के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि यहां टेक्सटाइल एवं स्टील से जुड़ी कंपनियों के लिए काफी संभावना है. इसके बाद राजदूत लेनन ने यहां आटोमोबाइल सेक्टर में निवेश की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली. साथ ही रिएल एस्टेट सेक्टर के बारे में भी पूछा. कहा कि इसमें उनके देश की कंपनी निवेश कर सकती है. डीएम का कहना है कि फ्रांस के राजदूत गोरखपुर में आटोमोबाइल और रियल स्टेट सेक्टर में निवेश करने के इच्छुक हैं.
फ्रांस के राजदूत ने गोरखपुर में जमीन की उपलब्धता के बारे में पूछा तो डीएम ने कहा कि यहां पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध है. अगर कोई कंपनी निवेश करना चाहती है तो 48 घंटे के अंदर निवेश करने वाले को जमीन उपलब्ध करा दिया जायेगा. जिसके बाद राजदूत ने पूछा कि गोरखपुर में कौन सी विदेशी कंपनियां काम कर रही हैं. इस पर डीएम ने कहा कि खाद कारखाने में जापान की कंपनी काम कर रही है. कोकाकोला भी गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण में बाटलिंग प्लांट लगाने जा रहा है. इसके साथ ही कई विदेशी कंपनियों के आउटलेट हैं. भविष्य में भी कई कंपनियां आ सकती हैं. यहां से जाते हुए फ्रांस के राजदूत ने 3 साल बाद र से वापस आने और गोरखपुर में हो रहे विकास को फिर से देखने के बात कही.


