वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala sitharaman) ने आत्मनिर्भर भारत के तीसरे पैकेज में मधुमक्खी पालकों की कमाई बढ़ाने के लिए कई बड़े ऐलान किए थे. इसके अलावा वित्तमंत्री ने इस मिशन के तहत देश के हजारों लोगों को रोजगार देने की योजना बनाई थी. आपको बता दें हनी मिशन का परफॉर्मेंस रिपोर्ट जारी हो गए है और इस रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने अब तक लगभग 40 हजार लोगों को रोजगार दिया है. सरकार की ओर से इस योजना की शुरुआत साल 2017 में की गई थी.
सरकार के हनी मिशन कार्यक्रम से रोजगार के अवसरों का हो रहा है सृजन है. इससे देश में स्वरोजगार को बढ़ावा मिल हनी मिशन का परफॉर्मेंस रिपोर्ट जारी हो गए है और इस रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने अब तक लगभग 40 हजार लोगों को रोजगार दिया है. सरकार की ओर से इस योजना की शुरुआत साल 2017 में की गई थी.
रहा है. जानिए क्या कहती है मिशन की प्रगति रिपोर्ट-
PIB ने ट्वीट करके दी जानकारी
पीआईबी की ओर से किए गए ट्वीट के मुताबिक, साल 1956 से 2017 तक इस मिशन से लोगों की कमाई और रोजगार Nil था. वहीं साल 2017 से 2020 के बीच में 40000 रोजगार का सृजन किया गया है. इसके अलावा 8600 मीट्रिक टन शहद उत्पादन किया गया है. साथ ही 1.36 लाख मधुमक्खी के बक्से का वितरण किया गया है.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा देश
आपको बता दें “हनी मिशन” कार्यक्रम के जरिए प्रवासी कामगारों को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसके अलावा इस मिशन के तहत सरकर “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा रही है
क्या है हनी मिशन
हनी मिशन योजना खादी ग्रामोद्योग विभाग की योजना है. इसके जरिए किसान और पैसा कमाने की चाह रखने वाले लोग रोजगार शुरू कर मोटी कमाई कर सकते हैं. लोग हनी मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कर कमाई कर सकते हैं. अब ऐसी तकनीक आ गई है, जिसके माध्यम से शहद निकालते समय मधुमक्खियां नहीं मरतीं. मोम और पॉलन भी बनता है. इससे न केवल किसान बल्कि बेरोजगार युवक भी बिजनेस के तौर पर देख रहे हैं.
सरकार करती है सपोर्ट
अगर आप इस स्कीम के तहत हनी प्रोसेसिंग प्लांट लगाना चाहते हैं तो कमीशन की ओर से आपको 65 फीसदी लोन दिलाया जाता है और खादी ग्रामोद्योग आपको 25 फीसदी सब्सिडी भी देता है यानी कि आपको केवल 10 फीसदी पैसा लगाना पड़ता है.
सरकार ने दिए थे 500 करोड़ रुपए
आत्मनिर्भर भारत के पैकेज की तीसरी किस्त में वित्त मंत्री ने मधुमक्खी पालन (Beekeeping) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 500 करोड़ की योजना का ऐलान किया गया था. सरकार के इस ऐलान का फायदा 2 लाख मधुमक्खी पालकों को मिला.



