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पाकिस्तान में रिकॉर्डतोड़ महंगाई, इमरान को सत्ता से बेदखल करने सड़कों पर उतरेगी जनता

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पाकिस्तान मीडिया में छपी खबरों के अनुसार, इस समय 40 किलो के गेहूं के बोरे की कीमत 2400 रुपए है. इस समय देश में सब्जियों के भाव भी सातवें आसमान पर है. सितंबर 2020 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) 9% रहा.

इस्लामाबाद. पाकिस्तान आर्थिक तंगी (Economic Crisis in Pakistan) के दलदल में धंसता जा रहा है. पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पाकिस्तान में भ्रष्टाचार और अर्थव्यवस्था की बदहाली के चलते लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है. अर्थव्यवस्था की बदहाली के चलते पाकिस्तान में बेरोजगारों (Unemployment) की संख्या में इजाफा हो रहा है. जीवन जीने के लिए अनिवार्य वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. इस समय पाकिस्तान की गरीबी पर गेहूं (Wheat Prices High) की मार बहुत ज्यादा पड़ रही है. आलम यह है कि वहां एक किलो गेहूं की कीमत 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है. पाकिस्तान मीडिया में छपी खबरों के अनुसार, इस समय 40 किलो के गेहूं के बोरे की कीमत 2400 रुपए है.इस समय देश में सब्जियों के भाव भी सातवें आसमान पर है. सितंबर 2020 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) 9% रहा.

जमाखोरों की वजह से बढ़े हैं गेहूं के भाव

पाकिस्तान में गेहूं की कीमत इससे पहले 50 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा कभी भी नहीं हुए थे. गेहूं पिछले साल दिसंबर में 50 रुपये प्रति किलो तक पहुंचा था. इस साल 5 अक्टूबर को गेहूं की कीमत 2400 रुपए प्रति 40 किलोग्राम तक पहुंच गई थी. ऑल पाकिस्तान फ्लोर असोसिएशन ने केंद्र और राज्य सरकारों से गेहूं का खरीद मूल्य तुरंत निर्धारित करने की मांग की है. फ्लोर असोसिएशन का कहना है कि देश में गेहूं की कमी मिल मालिकों की वजह से नहीं बल्कि जमाखोरों की वजह से है

रूस से गेहूं कर रहा है आयात
मीडिया में बताया गया है कि पाकिस्तान सरकार ने रूस से 200,000 मीट्रिक टन गेहूं आयात को मंजूरी दी है, जो इस महीने पहुंच सकता है। इस बीच नेशनल प्राइस मॉनिटरिंग कमिटी ने सोमवार को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि की वजहों पर मंथन किया. बताया गया है कि यह बैठक प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्देश पर हुई है।

आलू, टमाटर और प्याज भी महंगा

पाकिस्तान में सिर्फ गेहूं ही महंगा नहीं हुआ है, बल्कि टमाटर, आलू, ब्याज, चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं के दाम भी तेजी से बढ़ रहे हैं. अन्य सब्जियों की कीमत भी बढ़ गई है. सितंबर 2020 में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 9% रहा है. नेशनल प्राइस मॉनिटरिंग कमिटी की बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि आलू, टमाटर और प्याज के थोक और खुदरा कीमतों में प्रॉफिट मार्जिन बहुत बढ़ गया है, जिसकी वजह से आम आदमी परेशान है.

पाकिस्तान में महंगाई बढ़ना इमरान खान को बेचैन कर रहा है क्योंकि विपक्ष ने पहले ही महागठबंधन बनाकर सेना और इमरान खान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसी महीने से व्यवस्था परिवर्तन के लिए देशव्यापी आंदोलन किया जाना तय हुआ है. यह माना जा रहा है कि महंगाई से बेचैन जनता विपक्ष के साथ सड़कों पर उतर सकती है.