छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में कोरोना से आज सुबह जिला अस्पताल में एक मीडिया कर्मी की मौत हो गई. मिली जानकारी के अनुसार मृतक नरेश पटेल शहर के एक मीडिया संस्थान में कार्यरत थे. हाल ही में उन्हें पॉजिटिव आने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान आज सुबह उनकी मौत हो गई. जिले में मीडिया वर्ग में कोरोना से यह पहली मौत है, देखा जाए तो कोरोना को लेकर डर दिनों तेजी से बढ़ रहा है, संक्रमण के शुरुआती दिनों में बिलासपुर को काफी सुरक्षित माना जा रहा था लेकिन पिछले कुछ महीनों में जिले का नाम प्रदेश के उन आधा दर्जन जिलों में शामिल हो गया है. जहां कोरोना का संक्रमण चरम पर है
मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर में कार्यरत नरेश पटेल हमेशा सभी को हंसाने वाले, बड़ों का सम्मान, बराबर वालों का मान, और छोटों का,अभिभावक की तरह मार्गदर्शन करने वाले साथी थे, बिलासपुर के छोटी कोनी में रहने वाले नरेश पटेल का 52 वर्ष की आयु आज सुबह 4 बजे निधन हो गया,जानकारी के मुताबिक श्री पटेल शहर में एक लीडिंग अखबार मेंं कार्यरत थे कभी किसी की बातों को बुरा नहीं मानने वाले श्री पटेल की यादें ही हमारी स्मृतियों में शेष है. श्री पटेल के निधन से प्रेस परिवार ने एक अच्छा साथी, एक मार्गदर्शक खो दिया. उनका निधन हमारे लिए अपूरणीय क्षति है. भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दें
बताया जा रहा है कि नरेश पटेल 4 सितंबर से छुट्टी पर थे,इस बीच में सीपत चौक सरकंडा इशिता अग्रवाल के शुभम नर्सिंग होम में अपना इलाज करा रहे थे,वहां पता चला कि उनको मलेरिया है,कुछ दिन चार करने के बाद उन्हें वहां से डिस्चार्ज कर दिया गया,उसके बाद 12 सितंबर को कांग्रेस भवन के पास स्थित सामुदायिक भवन के शिविर में उनका कोविड-19 टेस्ट कराया गया,वहां उन्हें कोरोनावायरस पॉजिटिव है कह कर घर भेज दिया गया।रविवार 13 सितंबर को सुबह 9 बजे तकलीफ होने पर उन्हें कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया गया,इस बीच 15 सितंबर को तबीयत बिगड़ने लगी तो ऑक्सीजन की व्यवस्था करने के लिए कहा गया,लगातार तबियत बिगड़ने से घर वालों ने किसी अन्य अस्पताल में ले जाने की सोची,लेकिन व्यापारिक मजबूरियों के चलते वे ऐसा न कर सके,ऐसा लग रहा है कि उनका कोरोना का इलाज किया जा रहा था दो पुत्र और एक विवाहित पुत्री के पिता नरेश पटेल न केवल उनका परिवार से बल्कि उनसे संपर्क में आने वाले हर किसी से बड़े ही गर्मजोशी से मिला करते थे। हम सबको हंसाने वाले उन्हीं नरेश पटेल की सुन्न पड़ी मृत देह देखकर, आज हर किसी की आंखें नम हो चली हैं..



