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कमला हैरिस बोलीं- काले-गोरे के लिए जस्टिस सिस्टम अलग, ट्रंप ने दिया जवाब

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कमला हैरिस ने कहा है कि अमेरिका में श्वेत और अश्वेत के लिए जस्टिस सिस्टम अलग-अलग बना हुआ है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे खारिज कर दिया है. 

वाशिंगटन. अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार भारतवंशी कमला हैरिस ने कहा है कि अमेरिका में श्वेत और अश्वेत अमेरिकियों के लिए न्याय की दो प्रणालियां हैं. उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपने कमला के इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताया और कहा कि इस तरह की बयानबाजी से वे कभी भी देश की राष्ट्रपति नहीं बन सकतीं.

ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन और उनकी पार्टी से उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार सीनेटर, कमला हैरिस की कोरोना वायरस वैक्सीन के प्रति ट्रंप कि नीति के खिलाफ ‘बायनबाजी’ करने पर भी आड़े हाथों लिया. ट्रंप ने ‘लेबर डे’ पर व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘वह टीके की उपेक्षा कर रही हैं ताकि लोगों को लगे कि यह कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है. मैं यह उपलब्धि मेरे लिए हासिल नहीं करना चाहता हूं. मैं कुछ ऐसा चाहता हूं जो लोगों को बेहतर करे, जिससे लोग बीमार ना हों. बिडेन और हैरिस को टीके के खिलाफ बयानबाजी कर लोगों की जान खतरे में डालने के लिए तुरंत माफी मांगनी चाहिए’

कमला हैरिस पर साधा निशाना
हैरिस ने रविवार को ‘सीएनएन’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि जब तक टीके की क्षमता एवं उसपर निर्भरता का दावा करने के लिए कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं होगा, तब तक वह राष्ट्रपति पर भरोसा नहीं करेंगी. ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘मैंने डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव के दौरान कमला के चुनावी आंकड़ों को 15 से शून्य पर आते देखा है और फिर लगभग वह बाहर होने वाली थीं जब उन्होंने आयोवा से चुनाव लड़ा क्योंकि लोगों ने उन्हें पसंद नहीं किया….और मैं समझ सकता हूं कि वह कभी राष्ट्रपति क्यों नहीं बन पाएंगी.’ इससे पहले भारतीय मूल की सीनेटर हैरिस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके अटॉनी जनरल पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की न्याय प्रणाली में प्रणालीगत नस्लवाद है.
नस्लवाद की कोई वैक्सीन नहीं: कमला हैरिस

कमला हैरिस ने राष्ट्रपति ट्रंप और अटॉर्नी जनरल विलियम बर्र की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिकी न्याय प्रणाली में प्रणालीगत नस्लवाद है. उन्होंने कहा कि वे “एक अलग वास्तविकता में पूरा समय बिता रहे हैं. हैरिस ने ‘सीएनएन’ को दिये एक इंटरव्यू में कहा, ‘अमेरिका की वास्तविकता आज वही है जो हमने पीढ़ी दर पीढ़ी देखी है और स्पष्ट रूप से हमारी स्थापना के बाद से, हमारे पास अमेरिका में न्याय की दो प्रणालियां हैं.’ उन्होंने कहा कि नस्लवाद के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं बनी है.

उन्होंने कहा, ‘इसलिए, जब हमारे पास न्याय की दो प्रणालियां हैं, तो हम कानून के तहत समान न्याय के लिए भी लड़ते हैं और इसका मतलब है कि जो बिडेन और मैं ऐसा प्रस्ताव कर रहे हैं, जिसमें एक आपराधिक न्याय प्रणाली है, हां, यह भेदभाव वाली प्रणालियों पर प्रतिबंध लगाती है. हम सुनिश्चित करें कि नियमों को तोड़ने वाले और कानून को तोड़ने वाले पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय हों.’ हैरिस ने कहा कि अभी देश में नस्ल के आधार पर भारी असमानताएं हैं और उनका प्रशासन समुदायों में निवेश करेगा और इन समुदायों की आर्थिक ताकत को बढ़ायेगा.
हैरिस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप नस्लीय न्याय के आधार पर ‘वास्तविक नेता’ नहीं है और कोरोना वायरस महामारी पर “यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि वह एक नेता है.’ उन्होंने कहा, ‘यदि हम सुरक्षित समुदायों का निर्माण करना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम उन समुदायों के स्वास्थ्य में निवेश कर सकते हैं, क्योंकि स्वस्थ समुदाय सुरक्षित समुदाय हैं.’ इस बीच अमेरिका के शीर्ष कानून प्रवर्तन अधिकारी बर्र ने ‘दो न्याय व्यवस्थाओं’ के विचार को खारिज कर दिया. उन्होंने बुधवार को ‘सीएनएन’ से कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें नस्लवाद के विचार को चारों ओर फैलाने के बारे में थोड़ा सावधान रहना होगा.’ उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह उतना ही आम है जितना लोग सुझाव देते हैं.’