कोरोना काल में हो रहे संसद (Parliament) के मानसून सत्र (Monsoon Session) के लिए तैयरियों को अमली जामा पहनाया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) ने कोविड प्रोटोकॉल के हिसाब से सांसदों के लिए SOP बनाने के निर्देश दिये हैं
नई दिल्ली. संसद (Parliament) का मानसून सत्र (Monsoon Session) जल्द ही शुरू होने वाला है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के बीच आयोजित किये जा रहे सत्र के लिए विशेष तैयारियां की जा रही हैं. जहां एक और सांसदों के सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) के साथ बैठने के लिए इंतजाम किये जा रहे हैं वहीं कहा गया है कि इस बार किसी भी अध्यादेश की कागजी प्रति वितरित नहीं की जाएगी. वहीं अब जानकारी मिली है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Health Minister Dr Harshvardhan) ने स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) को सदन की कार्यवाही के लिए जाने वाले सांसदों और विधायकों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) बनाने के निर्देश दिये हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश दिया कि संसद सदस्यों और विधान सभा सत्रों के लिए ऐसी एसओपी (SOP) बनाएं जिसमें कोविड प्रोटोकॉल और निवारक उपाय शामिल हों.
देश में लगातार बढ़ते मामलों और आगामी त्योहारों के सीजन ने भी सरकार की चिंता बढ़ाई हुई है. ऐसे में सरकार ने लोगों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है इसके साथ ही कोविड-19 (Covid-19) को ध्यान में रखकर व्यवहार करने के लिए कहा है. बता दें भारत में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 76,472 नए मामले सामने आने के साथ ही देश में शनिवार को संक्रमण के मामले 34 लाख के पार चले गए वहीं संक्रमण से 26,48,998 लोग ठीक हो गए हैं जिससे संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर शनिवार को 76.47 प्रतिशत हो गई है.
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 34,63,972 हो गए हैं वहीं 1,021 लोगों की मौत होने से मृतक संख्या 62,550 हो गई है. देश में संक्रमण से मृत्य दर घटकर 1.81 प्रतिशत रह गई है. आंकड़ों के मुताबिक देश में फिलहाल 7,52,424 लोगों का संक्रमण का उपचार चल रहा है, जो कुल मामलों का 21.72 प्रतिशत है.
देश के आठ राज्यों में 73 प्रतिशत केस
देश के आठ राज्यों में कोरोना वायरस के 73 प्रतिशत मामले हैं. ये आठ राज्य महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल ओडिशा और तेलंगाना हैं. वहीं सात राज्यों में अब तक कुल आंकड़ों में से 81 प्रतिशत मौतें दर्ज की गई हैं. ये सात राज्य महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल हैं.बता दें इससे पहले गुरुवार को केंद्र ने उच्च मृत्यु दर वाले राज्यों की स्थिति की समीक्षा बैठक भी की थी. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि बैठक में इन प्रदेशों को सलाह दी गई कि वे अपने सभी जिलों में मृत्यु दर को एक प्रतिशत से कम रखने की दिशा में कदम उठाएं और इसके लिए कुछ उपाय भी सुझाए थे.



